Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Richest CM in India: भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री कौन? डीके शिवकुमार और चंद्रबाबू नायडू के पास है अ... Delhi Hotel Fire Case: मालवीय नगर अग्निकांड का मुख्य आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार, जय मिश्रा... Araria Crime News: अररिया में दामाद के प्यार में अंधी मां ने की बेटी की हत्या; पुलिस के सामने कबूली ... Ghazipur Crime News: गाजीपुर में शादी के मंडप से गिरफ्तार हुआ दूल्हा; दुष्कर्म का आरोपी था फरार, बार... Pratapgarh Police Controversy: प्रतापगढ़ में एसओ ने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लिए महिला को जड़ा थप्प... Chumur Ladakh: भारत-चीन सीमा पर बसा 91 लोगों का चुमुर बनेगा देश का पहला 'मॉडल सीमा गांव' ED Raid in Mizoram: मिजोरम में ईडी का बड़ा एक्शन; म्यांमार सीमा पर 9 ठिकानों पर छापेमारी, बर्मी सुपा... Army Captain Proposal Controversy: नासिक में आर्मी हेलीकॉप्टर के सामने मंगेतर को प्रपोज कर फंसे कैप्... Seoni Road Accident: सिवनी में कांग्रेस विधायक योगेंद्र सिंह की स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त, टकराने के... Punjab Congress Strategy: सुनील कोनुगोलू की राहुल-खरगे को सीक्रेट रिपोर्ट; पंजाब चुनाव के लिए चन्नी,...

Bihar Madrasa Inspection: बिहार में सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का होगा भौतिक सत्यापन; शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश

बिहार सरकार ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और सरकारी आर्थिक मदद पाने वाले संस्थानों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों और संस्कृत स्कूलों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों को राज्य सरकार वेतन का भुगतान करती है, उनकी गतिविधियों और शैक्षिक मानकों की कड़ी निगरानी की जाएगी।

📊 ‘ई-शिक्षा कोष’ पोर्टल पर देनी होगी पूरी जानकारी

शिक्षा विभाग ने सभी मदरसों, संस्कृत स्कूलों और अल्पसंख्यक स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे अपने छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का पूरा विवरण राज्य सरकार के ‘ई-शिक्षा कोष’ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। निरीक्षण का कार्य ब्लॉक स्तर पर गठित तीन-सदस्यीय समितियों द्वारा किया जाएगा, जो जमीनी स्तर पर संस्थानों के कामकाज का मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगी।

🔢 राज्य में मदरसों की स्थिति

आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 1,937 सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे हैं जिन्हें शिक्षा विभाग द्वारा वित्तीय सहायता मिलती है। वहीं, राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत 3 हजार से अधिक मदरसे संचालित हैं, जिनमें लगभग 7 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और 15 हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इस निरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खजाने का उपयोग सही दिशा में हो रहा है।

🎓 14 विश्वविद्यालयों में प्रो-वाइस चांसलर की नियुक्ति

शिक्षा क्षेत्र में एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत, बिहार सरकार ने राज्य की 14 प्रमुख यूनिवर्सिटीज (जैसे पटना यूनिवर्सिटी, पूर्णिया यूनिवर्सिटी, तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी आदि) में प्रो-वाइस चांसलर की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • योग्यता: उम्मीदवार के पास प्रोफेसर के रूप में कम से कम 10 वर्षों का अनुभव होना अनिवार्य है।

  • आयु सीमा: आवेदन की अंतिम तिथि तक अधिकतम आयु 67 वर्ष निर्धारित की गई है।

  • आवेदन: पात्र शिक्षाविद 1 जुलाई की शाम 6 बजे तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

संपादकीय टिप्पणी: सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना एक सकारात्मक कदम है। क्या आपको लगता है कि इस तरह के भौतिक सत्यापन और डिजिटल मॉनिटरिंग से राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की गति तेज होगी? अपने विचार नीचे साझा करें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.