Balod Crime News: बालोद पुलिस की बड़ी कार्रवाई; फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर जमीन बेचने वाले जालसाज को किया गिरफ्तार
बालोद: अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बालोद पुलिस ने। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का सौदा करने वाले एक हाई-प्रोफाइल जालसाज को पुलिस ने शिकायत मिलने के महज कुछ ही घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। शातिर ठगों ने एक बेखबर किसान की 1 एकड़ 60 डिसमिल बेशकीमती कृषि भूमि का फर्जी कागजात तैयार कर उसे 15 लाख रुपए में बेच डाला था। पुलिस ने न सिर्फ इस जालसाजी का पर्दाफाश किया, बल्कि एक आरोपी को दबोचकर उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल भी जब्त कर लिया है।
📜 असली मालिक खेत में, नकली मालिक ने कर दिया सौदा: ऐसे रची ठगी की स्क्रिप्ट
मामला बालोद तहसील के ग्राम लाटाबोड का है। यहां निवासी डमेन्द्र कुमार गंजीर के नाम पर 1.60 एकड़ कृषि भूमि दर्ज है। असली मालिक डमेन्द्र को कानों-कान खबर नहीं थी कि उनकी जमीन पर नजर गड़ाए बैठे दो शातिर ठग—हरिशंकर गजभिये (परसोदा) और नरेन्द्र बहादुर सोनी (खैतराई)—ने उनकी जमीन की हूबहू फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर ली है। 24 अप्रैल 2026 को आरोपी हरिशंकर ने खुद को ‘डमेन्द्र कुमार गंजीर’ बताकर ग्राम देवारभाट के विनोद कुमार वर्मा और कमला वर्मा से 15 लाख में जमीन का सौदा तय किया और डेढ़ लाख रुपये बयाना राशि ऐंठ ली।
🔍 कागजों की पड़ताल में खुला राज: जालसाजों को थमाना पड़ा बैंक चेक
जब खरीदार कमला वर्मा ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ऋण पुस्तिका पूरी तरह फर्जी थी। ठगे जाने का अहसास होते ही महिला ने आरोपियों को घेरा और अपने पैसे मांगे। खुद को फंसता देख आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी ने चालाकी दिखाई और चेक थमाकर भागने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित पक्ष ने तत्काल बालोद पुलिस को सूचना दे दी।
⚖️ चंद घंटों में आरोपी सलाखों के पीछे: मास्टरमाइंड हरिशंकर की तलाश जारी
शिकायत मिलते ही पुलिस ने नए कानून के तहत धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर घेराबंदी की। स्पेशल टीम ने आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि हरिशंकर के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी। मुख्य सूत्रधार हरिशंकर गजभिये अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। इस त्वरित कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा और उनकी टीम की चारों ओर तारीफ हो रही है।
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