Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ... 'Idiots' और 'Andhbhakts' टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार समिति को मामला भेज... हरियाणा मतदाता सूची पुनरीक्षण: 26.29 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां, 33 लाख नाम ड्राफ्ट ... समालखा नगर परिषद में सियासी ड्रामे का पटाक्षेप! मनीषा कुहाड़ निर्विरोध बनीं वाइस चेयरपर्सन हरियाणा में JBT शिक्षकों की TGT पदोन्नति प्रक्रिया तेज! 13 अगस्त तक मांगे आवेदन, DEEO पर गाज की तैया... ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा का धमाकेदार प्रदर्शन, जैवलिन थ्रो के फाइनल मे... पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भू... राज्यसभा में उठी गुरुग्राम में हाईकोर्ट सर्किट बेंच की मांग! सांसद संजय भाटिया ने 'टॉवर ऑफ जस्टिस' क...

Baramulla Accident: जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से सेना के दो जवान शहीद; महाराष्ट्र के थे रहने वाले

बारामूला: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में सेना के दो जवान शहीद हो गए। लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास कमलकोट स्थित एक शिविर में उपकरणों के नियमित हस्तांतरण के दौरान एक हैंड ग्रेनेड गलती से फट गया, जिससे दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

🎖️ महाराष्ट्र के वीर सपूतों ने दी शहादत

शहीद जवानों की पहचान अर्जुन जाधव (सतारा) और विक्रम बालकृष्ण (ठाणे) के रूप में हुई है। दोनों जवान भारतीय सेना की 8 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। हादसे के तुरंत बाद उन्हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस हॉस्पिटल में रेफर किया गया था, लेकिन डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सेना ने दोनों शहीदों की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

🔍 हादसे की गहन जांच

सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शाम करीब 4:30 बजे हुई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ग्रेनेड फटने की वास्तविक तकनीकी वजह क्या थी। शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेजा जा रहा है।

🛡️ सीमा पर चौकसी और सुरक्षा चुनौतियां

जम्मू-कश्मीर में 740 किमी लंबी LoC की सुरक्षा सेना की प्राथमिकता है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे बढ़ते खतरों को देखते हुए सेना और BSF लगातार चौकसी बरत रही है। इन चुनौतियों के बीच देश की रक्षा करते हुए हमारे जवानों का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.