बालोद जिले में मानसून की शुरुआत से पहले किसान खेती-किसानी की तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं। हालांकि, इस बीच खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई किसान सोसाइटियों के चक्कर लगा रहे हैं और उर्वरक की कमी की शिकायत कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
✅ खाद की कोई कमी नहीं, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध: बेलचंदन
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि किसानों के लिए खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लगातार आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव के बावजूद किसानों को बुवाई के समय खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
“कांग्रेस सरकार केंद्र में इतने सालों तक रही, लेकिन कभी खाद के उत्पादन की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए। अब मोदी सरकार ने उर्वरक उत्पादन बढ़ाने और कंपनियों की क्षमता में वृद्धि पर काम किया है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।” — प्रीतपाल बेलचंदन, अध्यक्ष, JSKB
🗣️ कांग्रेस का पलटवार, किसानों को हो रही परेशानी
वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने भाजपा के दावों को हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार है, लेकिन कांग्रेस शासनकाल में कभी खाद और बीज की ऐसी किल्लत नहीं हुई थी। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
“अपनी कमियों को दूसरों पर मढ़ना बंद कीजिए और अविलंब पर्याप्त व्यवस्था कराइए। कांग्रेस शासनकाल में किसान कभी खाद-बीज के लिए ऐसे तरसते नहीं थे।” — चंद्रेश हिरवानी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
🛒 निजी दुकानों की ओर रुख करने को मजबूर किसान
कांग्रेस का आरोप है कि जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर गंभीर संकट है। किसान सोसाइटियों में खाद न मिलने पर हताश होकर निजी दुकानों का रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां भी मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसान मानसून के आगमन से पहले अपनी फसल की चिंता को लेकर परेशान हैं।
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