Dantewada News: कांग्रेस का औद्योगिक कंपनी पर गंभीर आरोप, खनन और उत्पादन को लेकर उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
दंतेवाड़ा जिले में कांग्रेस ने एक औद्योगिक कंपनी से जुड़े खनन और उत्पादन कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को कांग्रेस नेता छविंद्र कर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिला प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी कागजों में उत्पादन और खनन दर्शाकर अपनी लीज बचाने का प्रयास कर रही है, जबकि धरातल पर स्थिति पूरी तरह अलग है। उन्होंने आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
📊 खनन, परिवहन और रॉयल्टी पर खड़े किए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि दस्तावेजों में खनन और उत्पादन का विवरण तो दर्ज है, लेकिन क्षेत्र में वास्तविक गतिविधियों को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। छविंद्र कर्मा ने कहा कि यदि खनन हुआ है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि किस स्थान पर कार्य हुआ और उसका रिकॉर्ड क्या है? साथ ही, खनिज सामग्री के परिवहन के लिए उपयोग किए गए वाहनों, एजेंसियों और मार्गों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इसके अलावा, यदि वास्तविक खनन नहीं हुआ, तो किस आधार पर रॉयल्टी का भुगतान किया गया, यह भी जांच का विषय है।
🌳 ग्राम सभा की अनुमति का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी खनन या औद्योगिक गतिविधि के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसके लिए ग्राम सभा आयोजित हुई थी और क्या आवश्यक अनुमति ली गई थी? उन्होंने प्रशासन, खनिज विभाग और कंपनी के बीच मिलीभगत की आशंका जताई है।
“कंपनी कागजों में उत्पादन दर्शाकर अपनी लीज बचाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और खनिज विभाग की भूमिका संदिग्ध है। यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो पार्टी जनआंदोलन शुरू करेगी।”
— छविंद्र कर्मा, कांग्रेस नेता
⚖️ उच्चस्तरीय जांच और आंदोलन की चेतावनी
छविंद्र कर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि खनन, उत्पादन, परिवहन, ग्राम सभा की स्वीकृति और रॉयल्टी भुगतान सहित सभी पहलुओं की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो वे बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सड़क पर उतरेंगे।
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