Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Make in India Security Breach: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के साथ खिलवाड़; सप्लायर कंपनी पर HAL की सख्... Surat Police Bravery: सूरत पुलिस ने दिखाई दरियादिली; जहर खाने वाले युवक को 7वीं मंजिल से सुरक्षित बच... Mamata Banerjee FIR: ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ बयान के मामले में कोलकाता में दर्ज हुई FIR Bikram Majithia vs Sanjay Singh: सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को झटका; मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाह ब... Jammu-Kashmir Border Alert: घुसपैठ की साजिश! कठुआ सेक्टर में जैश आतंकियों की सक्रियता, हाई अलर्ट पर ... Supreme Court on Officer Dispute: रोहिणी सिंदूरी और डी रूपा मौदगिल विवाद; SC ने जस्टिस कुरियन जोसेफ ... PM Modi 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल 'जनकल्याण और सुशासन' का प्रतीक ... Uttarakhand Accident News: पिथौरागढ़ की दारमा घाटी में कार पर गिरी चट्टान, 2 पर्यटकों की मौत; 3 गंभी... Kainchi Dham Mela: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ेगी लाखों की भीड़, भारी वाहनों पर रोक और ट्रैफिक एडवा... Bihar Politics: बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा को दिया बड़ा झटका? विधान परिषद में जगह नहीं मिलने से बढ़ी सि...

Kota Mahant Murder Case: चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड का खुलासा; संपत्ति के विवाद में दी गई थी 1 लाख की सुपारी

कोटा: राजस्थान के कोटा स्थित 1200 वर्ष पुराने चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज छह दिनों में सुलझा लिया है। संपत्ति और मठ के ट्रस्ट पर नियंत्रण के विवाद में हुई इस हत्या ने पूरे संत समाज को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता अधिवक्ता संतोष कुमार राय और पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया है।

🔪 मर्डर की खौफनाक साजिश

5 जून की रात, हमलावर मठ परिसर में घुसे और नंदनवन महाराज के कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी। इसके बाद उन्होंने सो रहे देवानंद महाराज पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जान बचाने के लिए भागे महंत को हमलावरों ने घेरकर गर्दन और पीठ पर कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। 35 वर्षीय देवानंद महाराज पिछले चार वर्षों से मठ का संचालन कर रहे थे और मायापुरी अखाड़े से जुड़े थे।

💰 संपत्ति पर कब्जे की लालसा बनी कारण

जांच में खुलासा हुआ कि चंद्रेसल मठ के नाम करीब 750 बीघा जमीन और करोड़ों की संपत्ति है। अधिवक्ता संतोष राय मठ की पुरानी कार्यकारिणी पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहते थे, जबकि देवानंद महाराज नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने में जुटे थे। इसी वर्चस्व की लड़ाई ने हत्या की साजिश को जन्म दिया।

🔍 SIT का गठन और फरार आरोपियों की तलाश

घटना के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने SIT का गठन किया था। तकनीकी साक्ष्यों और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने संतोष राय और पुष्पेंद्र सिंह को पकड़ा है। हालांकि, सुपारी लेने वाला मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा, अंकित बैरवा और अन्य साथी अभी भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.