Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा नियम
हिमाचल प्रदेश: ट्रंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिहरी की नवनिर्वाचित पंचायत ने अपने पहले ही सत्र में विकास और जनहित के ऐसे फैसले लिए हैं, जिनकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। पंचायत प्रधान हरीश ठाकुर, उपप्रधान तुले राम ठाकुर और पंचायत सचिव मनसा देवी की मौजूदगी में सर्वसम्मति से लिए गए इन निर्णयों का ग्रामीणों ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया है।
🚧 व्यवस्था और पशु संरक्षण के लिए कड़े नियम
पंचायत ने क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य किया है कि कोई भी फेरीवाला अब बिना पूर्व अनुमति के सामान नहीं बेच सकेगा। इसके साथ ही, पशु संरक्षण के लिए एक सख्त कदम उठाते हुए पंचायत ने यह नियम बनाया है कि यदि कोई व्यक्ति वाहन से बेसहारा गौवंश को पंचायत क्षेत्र में छोड़ता है, तो उस पर 10,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
🌲 पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संकल्प
स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सभी दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की गई है: जो भी ग्रामीण घर निर्माण के लिए टीडी (टिम्बर डिस्ट्रीब्यूशन) का लाभ लेगा, उसे कम से कम पांच पौधे लगाने होंगे और अगले छह महीने तक उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करनी होगी।
🍭 बच्चों के स्वास्थ्य पर पंचायत की नजर
छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंचायत ने एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य निर्णय लिया है। पूरे पंचायत क्षेत्र में दुकानों पर ‘चुस्की’ (आइस गोला) की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि खराब पानी या अस्वच्छ सामग्री से बच्चों को होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।
🚀 आदर्श पंचायत बनने की राह
ग्राम प्रधान हरीश ठाकुर का कहना है कि अगले पांच वर्षों में टिहरी को एक आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करना उनका मुख्य लक्ष्य है। ये सभी निर्णय जनहित, स्वच्छता और आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। टिहरी पंचायत की यह पहल अन्य पंचायतों के लिए भी एक बेहतरीन मिसाल पेश करती है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.