बुरहानपुर में पिछले 5 दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच शहर के जर्जर मकानों ने प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में ऐसे 84 निजी मकानों को चिह्नित किया गया है, जो बेहद खस्ताहाल स्थिति में हैं। ये मकान किसी भी समय ढह सकते हैं और बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। प्रशासन ने मकान मालिकों को नोटिस जारी कर इन्हें समय सीमा के भीतर गिराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
⚠️ प्रशासनिक सख्ती और कार्रवाई की योजना
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “शहर में 84 जर्जर भवन पाए गए हैं, जिन्हें जल्द गिराया जाएगा। यदि मकान मालिक प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदारों और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के माध्यम से नोटिस तामील कराए गए हैं ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
🗣️ सियासी घमासान और जनता की नाराजगी
इस कार्रवाई पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि हर साल बारिश के समय प्रशासन महज नोटिस देकर खानापूर्ति करता है। वहीं, स्थानीय नागरिकों में इन जर्जर मकानों के पास से गुजरते समय डर का माहौल रहता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को बारिश का इंतजार करने के बजाय पहले ही सख्त कदम उठाने चाहिए थे।
“पिछले साल भी हमने 24 जर्जर भवन गिराए थे। इस बार भी हम पूरी तरह गंभीर हैं। कुछ मामलों में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच विवाद के कारण कार्रवाई में थोड़ी बाधा आ रही है, लेकिन जन सुरक्षा सर्वोपरि है।” — संदीप श्रीवास्तव, नगर निगम आयुक्त, बुरहानपुर
🛡️ सुरक्षा के प्रति रहें सतर्क
प्रशासन ने उन सभी लोगों को सावधान रहने की अपील की है जो इन जर्जर मकानों में रह रहे हैं या इनके आसपास से गुजरते हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन इन मकानों को जल्द से जल्द जमींदोज करने की मुहिम चला रहा है।
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