Himachal Monsoon News: हिमाचल में मानसून का कहर, 49 सड़कें और बिजली सेवाएं ठप; 6 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक देते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार तड़के किन्नौर के चोलिंग क्षेत्र में बादल फटने से स्थिति भयावह हो गई है। मीरू नाले में आई बाढ़ के कारण नेशनल हाईवे-5 पर भारी मलबा और पत्थर आ गिरे, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। राहत की बात यह रही कि मलबे की चपेट में आए दो वाहनों के सवार लोग बाल-बाल बच गए। जिला प्रशासन और राहत टीमें युद्धस्तर पर मार्ग बहाली में जुटी हुई हैं।
🏚️ पुल बहे और कटा संपर्क, जनजीवन अस्त-व्यस्त
बादल फटने की घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किन्नौर की भावा वैली में शांगो खड्ड के उफान ने एक पैदल पुल को बहा दिया, जिससे दुतरंग और कानगारंग गांवों का संपर्क कट गया है। रिब्बा खड्ड में बाढ़ के कारण संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, वहीं कुल्लू जिले के चकुरठा गांव में भूस्खलन से एक मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। अब तक प्रदेश में 49 सड़कें, 42 बिजली ट्रांसफार्मर और कई पेयजल योजनाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं।
🥀 सड़क हादसों और भूस्खलन ने ली 11 लोगों की जान
हिमाचल में मानसून की शुरुआत से अब तक कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है। लाहौल की मयाड़ घाटी में एचआरटीसी (HRTC) बस के परिचालक ज्ञान सिंह की पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, चंबा के भरमौर में रेस्क्यू टीम ने उफनते नाले में फंसे 24 श्रद्धालुओं को रस्सी के सहारे सुरक्षित निकाल कर उनकी जान बचाई है।
⚠️ मौसम विभाग का अलर्ट और प्रशासन की अपील
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में आगामी 6 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के निकट जाने से बचें और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
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