Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में भी लगता है दिव्य दरबार, लिखी जाती है पर्ची, लिखकर बताये जाते है भूत और भव... OTT Censorship: 'सतलुज' विवाद के बाद सख्त हुई सरकार, OTT फिल्मों के लिए CBFC सर्टिफिकेट होगा अनिवार्... ISRO Brain Drain: इसरो में मची खलबली, 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, सरकार ने सख्त किए न... Datia By-Election: दतिया में गरजे नरोत्तम मिश्रा, प्रशासन को दी चेतावनी, बोले- 'किसी में हिम्मत नहीं... Datia By-Election: 'नरोत्तम मिश्रा बड़ी चुनौती थे, आशुतोष तिवारी कुछ नहीं', कांग्रेस प्रत्याशी घनश्य... Haldiram in London: लंदन के लीसेस्टर स्क्वायर में खुला हल्दीराम का पहला स्टोर, छोले-भटूरे खाने उमड़ी... Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर के घर छापा, 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर गिरफ्तार, 9.24 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति जब्त Delhi Education Hub: दिल्ली को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने DU के छात्रों को... Datia By-Election: जीतू पटवारी का बड़ा दावा- 'दतिया उपचुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी कांग्रेस'

Danta Civil Hospital News: एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ने से बिगड़ी मरीज की हालत, परिजनों ने किया अस्पताल में हंगामा

गुजरात के बनासकांठा जिले के दंता सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ इलाज के लिए पहुंची एक महिला मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट निकल चुकी ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी गई। ग्लूकोज चढ़ने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसके हाथ-पैर में सूजन आ गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

🩺 बिना जांचे चढ़ाई ग्लूकोज की बोतल

परिजनों के अनुसार, निजी अस्पताल बंद होने के कारण महिला को दंता सिविल अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने बोतल की एक्सपायरी डेट जांचे बिना ही उसे मरीज को लगा दिया। ग्लूकोज की बोतल की एक्सपायरी डेट 5 मई थी। आधी बोतल चढ़ने के बाद परिजनों की नजर उस पर पड़ी, जिससे यह गंभीर मामला सामने आया।

😡 परिजनों का आरोप: ‘मामले को दबाने की कोशिश’

परिजनों का कहना है कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद महिला की स्थिति नाजुक हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात नर्स मौके से गायब हो गई और उस समय वहां कोई जिम्मेदार डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने शुरुआत में पूरे मामले को दबाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि समय रहते ध्यान नहीं जाता तो महिला की जान भी जा सकती थी।

⚠️ प्रशासन की कार्रवाई: डॉक्टर और नर्स को नोटिस

मामला बढ़ने के बाद अस्पताल अधीक्षक ने स्वीकार किया कि स्टॉक में गलती से एक्सपायरी डेट वाली ग्लूकोज की बोतल रह गई थी, जिसे मरीज को लगा दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संबंधित डॉक्टर और नर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घातक लापरवाही से बचने के लिए मेडिकल स्टॉक की जांच व्यवस्था को और सख्त करने का आश्वासन दिया गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.