छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में भी लगता है दिव्य दरबार, लिखी जाती है पर्ची, लिखकर बताये जाते है भूत और भविष्य काल
पंडित अजय उपाध्याय करते है पर्ची द्वारा समाधान
# पंडित अजय उपाध्याय माँ सन्तोषी एवं हनुमान जी महाराज के है उपासक
# पंडित अजय महाराज के दरबार मे लगती है भारी भीड़, हनुमान जी के आशीर्वाद से बताई जाती है सटीक जानकारी
# बरगद के वृक्ष पर लाल कपड़े में नारियल बांधकर मनोकामना पूर्ण करने भक्त लगाते है अर्जी
पत्थलगांव–/ छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में स्थित ग्राम अमलडीहा के आश्रित ग्राम पेंड्रवा- गोड़म पहाड़ी हनुमान मन्दिर में माँ सन्तोषी, राघवेन्द्र सरकार, हनुमन्त सेवा समिति के पीठाधीश्वर पंडित अजय उपाध्याय महाराज जी चित्रकूट धाम वाले जी का दरबार लगता है जहा महाराज जी उपस्तिथि दिवस पर भारी भीड़ रहती है, पर्ची लिखवाने के लिये नम्बर आने में महीना दो महीना भी लग जाता है।
पहाड़ी हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर पंडित अजय उपाध्याय जी महाराज के बारे में हमने काफी कुछ सुना था पर विश्वास नही होता था परन्तु बताने वाले ने कहा कि आप एक बार जाकर तो देखो, फिर मैंने भी सोचा जब बताने वाला दिव्य दरबार लगाने वाले पंडित अजय जी महाराज के विषय में इतना कुछ बोल रहा है कि जो भी बताते है वह पूर्णतः सत्य बताते हैं और उनके द्वारा बताया गया उपाय करने पर फलीभूत होता है, बार-बार उनके मुख से यह सुनते हुए मैने सोचा कि क्यों ना एक दिन चला जाये और वास्तविकता का पता लगाया जाये और हम निकल पड़े पंडित अजय जी महाराज के दिव्य दरबार पहाड़ी हनुमानजी मन्दिर पेंडरवा के लिये। पहले रायगढ़ से चन्द्रपुर से डभरा रोड़ के ग्राम अमलडीह के पहाड़ी हनुमान मंदिर में हम लगभग 4 बजे दरबार में पहुचे थे।
महाराज जी लगभग 5 बजे दिव्य दरबार हेतु मन्दिर पहुचे जहा सैकड़ो की भीड़ दूर दूर से पहुचकर महाराज जी के आने का इंतजार कर रही थी।पहुचने पर सर्व प्रथम महाराज जी मन्दिर में भगवान सीताराम एवं हनुमान जी का पूजन किया इसके बाद बैठ गये अपने दिव्य दरबार की गद्दी पर जहा पहले से भक्त अपना नम्बर लगाये बैठे थे जिसमें बस्तर से लेकर बिहार तक के लोग शामिल थे,और नम्बर के अनुसार पंडित अजय महाराज जी द्वारा शुरू किया गया अपना पर्ची लिखने का क्रम और वहा जो हमने देखा और सुना उसे देखकर हम दंग रह गये, श्रद्धालुओं के विषय पर जो पण्डिज जी ने उन्हें बताया भक्तों के अनुसार वह पूर्णतः सत्य था, एक ऐसा भी परिवार भी मिला जो अपने 10 या 12 साल के बच्चे को लेकर आये थे जो जन्म से कमजोर था के विषय पर ऐसी जानकारी बताया कि परिजन हैरान हो गये की हमे बिना जाने पहचाने इतना सटीक जानकारी की बच्चे की पैदाइस 7 माह 1 दिन में हुई है, बच्चे का ईलाज फला मिशन हॉस्पिटल में हो रहा है, एक पैर का ऑपरेशन हो चुका है, दूसरे पैर का ऑपरेशन के लिये फला तिथि निर्धारित किया गया है और भी कुछ ऐसी जानकारी दी गई और महाराज जी के द्वारा पूछा गया कि यह सब झूठ है तो बताइये या आपने हमारे किसी सेवादार को पहले यह सब जानकारी दी हो तो बताइये पर परिजन स्वयं दंग रह गये की इतनी सटीक जानकारी महाराज जी ने बिना बताये पर्ची में कैसे लिख दी, और लाभ के लिये उपाय भी बताया और स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया।
और तो और एक अधिकारी भक्त थे जिन्होंने अपने पर्ची में अंग्रेजी में प्रश्न लिखकर लाये थे, एक महिला भक्त पीले रंग के कागज पर 4 प्रश्न लिखकर लाई थी जिसे भी पण्डित जी ने उनके लिये अपने पर्ची में पहले ही लिख दिया और बोले की जो पर्ची लिखकर लाये हो उसे निकालो और मिलान करो कि आपका लिखा हुवा और मेरा पर्ची में लिखा हुवा प्रश्न सही है या नही पर वास्तव में उन दोनों भक्तों का लिखा हुवा प्रश्न हूबहू था साथ मे उपाध्याय जी द्वारा प्रश्नों के साथ उत्तर भी लिख दिया गया था।
इस प्रकार हमारे वहा 5 घण्टे रहने के दौरान और भी अनेक भक्त थे जो लोग अजय जी महाराज के द्वारा लिखी गई भूत भविष्य की पर्ची को पूर्णतः सत्य बताया।और क्या बताये जब उन्होंने दो तीन बार यह आवाज लगाया कि यहा दरबार मे कोई पत्रकार आये हुवे है, यह सुनकर मै सोचा कि उनका कोई भक्त होगा जिनको आवाज लगा रहे है यह सोचकर मै चुप बैठा था, परन्तु दो तीन बार आवाज लगाने से मैने सोचा कि कोई भी तो जवाब नही दे रहा है, कही मेरे बारे मे ही तो आवाज नही लगा रहे हैं, पुनः आवाज आई कि हमे हनुमान जी कृपा से आभास हो रहा है कि दूर क्षेत्र से कोई पत्रकार यहा आये हैं और यहा दिव्य दरबार के बारे में सत्यता जानना चाहते हैं, तब मैंने कहा कि मैं भी एक पत्रकार हु। महाराज जी ने पुनः बोला कि हमारे वाई फाई में बार बार आ रहा है कि कोई पत्रकार यहा आया है और वह सत्यता जानना चाहता है, बैठिये आपका स्वागत है इस दरबार में,तब मै और भी भवचकित रह गया। कुल मिलाकर पहाड़ी हनुमान मंदिर पेंडरवा स्थित पण्डित अजय महाराज जी के दरबार में मै लगभग 5 घण्टा रहा जहां मेने देखा सुना और भक्तों से चर्चा करने के बाद अनुभव किया की पण्डित अजय जी महाराज को माँ सन्तोषी एवं हनुमान जी की विशेष कृपा है और वे जो भी पर्ची में लिखकर देते और बताते है वह भूत भविष्य सत्य साबित होता है।
पण्डित अजय उपाध्याय जी की शिक्षा दीक्षा चित्रकूट धाम में हुई है, पहले उनके पिता जी दिव्य दरबार लगाते थे और अब हनुमान जी महाराज की कृपा से स्वयं ही दिव्य दरबार लगाकर लोगो की सेवा कर रहे हैं।विषेषकर पण्डित जी का प्रमुख कार्य संगीत मय कथा वाचन का है,और दिव्य दरबार भी लगाते है।