उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अगले साल (2027) में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। चुनावी रणनीतियों के साथ-साथ सीट शेयरिंग पर भी मंथन तेज हो गया है।
इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को चुनावी समर में सीधे तौर पर उतारने का बड़ा फैसला किया है।
📍 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद से होगी शुरुआत, घोषित होंगे नए विधानसभा प्रभारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आकाश आनंद आगामी 10 अगस्त को हाथरस जिले की चर्चित सादाबाद विधानसभा सीट से पार्टी के आधिकारिक चुनावी अभियान की हुंकार भरेंगे।
पार्टी की विशेष रणनीति के तहत आकाश आनंद सादाबाद में नए विधानसभा प्रभारी के नाम की घोषणा करेंगे। इसके बाद वे ग्राउंड लेवल के कार्यकर्ताओं और प्रमुख पदाधिकारियों की एक अहम बैठक को संबोधित कर चुनावी दिशा तय करेंगे।
📈 गिरता वोट बैंक बना BSP के लिए चिंता का सबब, संगठन को मजबूत करने की कवायद
BSP की योजना प्रदेश भर में विधानसभा स्तर पर प्रभारियों की समयबद्ध घोषणा के साथ चुनावी अभियान को रफ्तार देने की है। इसके तहत आकाश आनंद राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार जनसभाएं और संगठनात्मक बैठकें कर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेंगे।
BSP नेतृत्व का मानना है कि साल 2007 में बनी पूर्ण बहुमत की सरकार के बाद से पार्टी लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को नए सिरे से पुनर्गठित करने और अपने पारंपरिक दलित व अति-पिछड़े वोट बैंक को फिर से एकजुट करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी सोच के तहत आकाश आनंद को इस अभियान का प्रमुख चेहरा बनाया गया है।
🗳️ अविन शर्मा के नाम का हो सकता है ऐलान, 25 अगस्त को जेवर में होगी विशाल जनसभा
सूत्रों के मुताबिक, 10 अगस्त को सादाबाद विधानसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार (विधानसभा प्रभारी) के रूप में अविन शर्मा के नाम की घोषणा की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि BSP पहले विधानसभा प्रभारियों की घोषणा करती है और चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद उन्हें ही आधिकारिक प्रत्याशी घोषित करती है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सादाबाद के बाद 25 अगस्त को गौतमबुद्ध नगर के जेवर में आकाश आनंद की एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि इस अभियान से कैडर में नई ऊर्जा का संचार होगा।
📊 जानिए सादाबाद विधानसभा सीट का क्या है सियासी और जातीय समीकरण
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में स्थित सादाबाद विधानसभा सीट के जातीय समीकरण की बात करें तो यहाँ जाट, ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता मुख्य रूप से हार-जीत तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। सादाबाद हिंदू-बहुसंख्यक निर्वाचन क्षेत्र है, जहाँ जाट मतदाता सबसे प्रभावशाली माने जाते हैं और किसी भी दल की जीत में उनका रोल सबसे अहम होता है।
📜 17 चुनावों का इतिहास: कांग्रेस 5 तो RLD 3 बार रही विजेता
सादाबाद विधानसभा सीट पर अब तक कुल 17 बार विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इनमें से कांग्रेस ने 5 बार जीत दर्ज की है।
इसके अलावा राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने 3 बार, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल ने 2-2 बार इस सीट पर परचम लहराया है। वहीं निर्दलीय, BKD, जनता पार्टी, लोक दल, सपा और बीएसपी ने 1-1 बार जीत हासिल की है। पिछले तीन चुनावों के आंकड़ों को देखें तो हर बार जनता ने अलग पार्टी पर भरोसा जताया है।
🔄 2012 से 2022 तक के चुनावी नतीजों पर एक नजर
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2012 चुनाव: समाजवादी पार्टी के देवेंद्र अग्रवाल ने BSP के सतेंद्र शर्मा को 5,187 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी।
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2017 चुनाव: BSP के दिग्गज नेता रामवीर उपाध्याय ने RLD के डॉ. अनिल चौधरी को 26,590 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी (हालांकि बाद में वे बीजेपी में शामिल हो गए थे)।
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2022 चुनाव: RLD प्रत्याशी प्रदीप कुमार सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार रामवीर उपाध्याय को 6,437 वोटों से हराकर सादाबाद सीट पर कब्जा जमाया था।
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