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टर्मिनल कैंसर से पीड़ित पिता ने 4 साल के बेटे को दी सीख, वायरल वीडियो के बाद जानें इस गंभीर बीमारी के बारे में सबकुछ

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पिता और उनके मासूम बेटे का बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में दिख रहे पिता को ‘टर्मिनल कैंसर’ (Terminal Cancer) है और वे अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर 4 से 5 साल के अपने छोटे बेटे को भविष्य के लिए जरूरी बातें समझा रहे हैं। अपनी असहाय स्थिति में भी वह पिता अपने बेटे को मां और बहनों की देखभाल करने की सलाह दे रहा है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जब कोई मरीज कैंसर की एंड स्टेज पर पहुंच जाता है, तो उसे ‘टर्मिनल कैंसर’ कहा जाता है। आइए जानते हैं कि यह क्या होता है, इसमें डॉक्टरों का फोकस किस बात पर रहता है और इससे बचाव कैसे संभव है।

🩺 क्या होता है टर्मिनल कैंसर? एक्सपर्ट से समझें इसके इलाज और केयर का पूरा प्रोसेस

कैलाश दीपक अस्पताल के कंसल्टेंट कैंसर सर्जन डॉ. मनीष सैनी बताते हैं कि टर्मिनल कैंसर और आम शुरुआती कैंसर एक जैसे नहीं होते हैं।

आज की तारीख में लंग्स (फेफड़े), ब्रेस्ट (स्तन) या अन्य कैंसर की शुरुआती अवस्था में उन्हें पूरी तरह खत्म करने के लिए एग्रेसिव ट्रीटमेंट दिए जाते हैं। हालांकि, मेडिकल साइंस में ‘टर्मिनल कैंसर’ उस स्थिति को कहा जाता है जब कैंसर की दवाइयों या थेरेपी का असर मरीज के शरीर पर होना बंद हो जाता है और बीमारी लगातार प्रोग्रेस करती (बढ़ती) रहती है। ऐसी स्थिति में आगे के इलाज का कोई चिकित्सकीय फायदा नहीं होता, इसलिए डॉक्टरों का मुख्य उद्देश्य मरीज को ठीक (Cure) करने के बजाय उन्हें एक आरामदायक और दर्द रहित जीवन (Comfortable Life/Palliative Care) प्रदान करना होता है।

🧬 क्यों टर्मिनल स्टेज में पहुंच जाता है कैंसर? जानें इसके मुख्य कारण

कोई भी कैंसर टर्मिनल स्थिति में तब पहुंचता है जब बीमारी समय के साथ इतनी अधिक बढ़ जाती है कि वह शरीर के अन्य प्रमुख अंगों तक फैल (Metastasize) जाती है।

कुछ मामलों में, उपलब्ध चिकित्सकीय उपचारों का कैंसर की कोशिकाओं पर असर पूरी तरह खत्म हो जाता है। कई बार इलाज के बाद कैंसर दोबारा लौट आता है और तेजी से फैलने लगता है। इसके अलावा, कुछ मरीजों की शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर हो जाती है कि वे कीमोथेरेपी या रेडिएशन जैसे हैवी ट्रीटमेंट को सहन करने में असमर्थ होते हैं। ऐसी स्थिति में बीमारी को पूरी तरह ठीक करना मुमकिन नहीं होता, इसलिए डॉक्टरों का प्रयास मरीज को दर्द से राहत देना और सम्मानजनक जीवन गुणवत्ता (Quality of Life) प्रदान करना होता है।

⚠️ टर्मिनल कैंसर के प्रमुख लक्षण: शरीर में दिखने वाले ये संकेत बताते हैं गंभीर स्थिति

कैंसर के इस एंड स्टेज में पहुंचने पर शरीर कई तरह के स्पष्ट और गंभीर संकेत देने लगता है।

इसमें लगातार अत्यधिक शारीरिक थकान रहना, भूख पूरी तरह खत्म हो जाना, मानसिक भ्रम (Confusion) की स्थिति बनना और नींद का चक्र बिगड़ जाना शामिल है। इसके अलावा खाना निगलने में भारी परेशानी होना, शरीर का वजन तेजी से गिरना, सांस लेने में तकलीफ होना तथा ब्लड प्रेशर (BP) का बार-बार फ्लक्चुएट होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे समय में मरीज को एंड-ऑफ-लाइफ केयर (End-of-Life Care) और परिवार का मानसिक सपोर्ट देना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।

🥗 कैसे करें कैंसर से बचाव? खान-पान और लाइफस्टाइल में करें ये जरूरी बदलाव

कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए शुरुआती स्तर पर ही प्रॉपर प्रिवेंटिव मेजर्स (बचाव के उपाय) अपनाना बेहद जरूरी है।

अपनी दैनिक जीवनशैली से स्मोकिंग (धूम्रपान) और अल्कोहल (शराब) का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। खान-पान में प्रोसेस्ड मीट, अत्यधिक मसालेदार भोजन या बहुत अधिक नमक वाले पैकेज्ड फूड से दूरी बनानी चाहिए। इसके विपरीत अपनी डाइट में ताजी हरी सब्जियां, ताजे फल और फाइबर से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।

🔬 रेगुलर हेल्थ स्क्रीनिंग और जेनेटिक टेस्टिंग है सबसे कारगर उपाय

कैंसर की रोकथाम और समय पर पहचान के लिए आयु के अनुसार प्रॉपर हेल्थ स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।

महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर और सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर से संबंधित स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। जिन लोगों के परिवार में कैंसर की स्ट्रॉन्ग फैमिली हिस्ट्री (जैसे ब्रेस्ट, ओवरी या कोलोरेक्टल कैंसर) रही हो, उन्हें किसी जेनेटिक काउंसलर या ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) से मिलकर सही उम्र में अर्ली स्क्रीनिंग शुरू करवा लेनी चाहिए, ताकि समय रहते बीमारी को पहली स्टेज में ही पकड़ा जा सके।

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