Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने रचा इतिहास, भारत का मेडल पक्का

नई दिल्ली: भारतीय महिला बैडमिंटन डबल्स जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बीडब्ल्यूएफ (BWF) वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में ऐतिहासिक उलटफेर करते हुए भारत के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है।

शुक्रवार को खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में गैर-वरीय भारतीय जोड़ी ने चीन की मजबूत जोड़ी जिया यी फान और झांग शू जियान को 1 घंटे 9 मिनट तक चले कड़े संघर्ष में 16-21, 21-15, 21-13 से मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

🏆 15 साल के लंबे इंतजार के बाद महिला डबल्स में भारत को मिला मेडल

इस ऐतिहासिक जीत के प्रमुख तथ्य:

  • 15 साल का सूखा खत्म: विश्व चैंपियनशिप के महिला डबल्स वर्ग में भारत को 15 साल के लंबे अंतराल के बाद पदक मिला है। इससे पहले वर्ष 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था।

  • हेड-टू-हेड रिकॉर्ड तोड़ा: इस मुकाबले से पहले भारतीय जोड़ी चीनी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ आमने-सामने के मुकाबलों में 0-3 से पीछे चल रही थी, लेकिन क्वार्टर फाइनल में त्रिशा और गायत्री ने अपने शानदार खेल से इस सिलसिले को तोड़ दिया।

🔥 पहले गेम में हार के बाद जोरदार पलटवार, 21-15 से जीता दूसरा गेम

मैच के शुरुआती दो गेम का रोमांचक घटनाक्रम:

  • पहला गेम (16-21): चीनी जोड़ी ने 1-6 की शुरुआती बढ़त बनाई। भारतीय जोड़ी ने लगातार 6 अंक लेकर वापसी की कोशिश की और स्कोर 8-9 किया, लेकिन अंत में चीनी खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

  • दूसरा गेम (21-15): दूसरे गेम में भी चीनी जोड़ी एक समय 5-1 और 10-7 से आगे चल रही थी। इसके बाद त्रिशा और गायत्री ने आक्रामक फ्लैट एक्सचेंज और चुस्त नेट प्ले के दम पर शानदार वापसी की। 13-10 की बढ़त बनाने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।

⚡ निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी पर बनाया भारी दबाव, 21-13 से सील की जीत

तीसरे गेम का एकतरफा प्रदर्शन:

  • शुरुआती बढ़त: निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने आक्रामक शुरुआत की और इंटरवल (ब्रेक) तक 11-5 की मजबूत बढ़त बना ली।

  • चीनी जोड़ी की गलतियां: भारतीय खिलाड़ियों के लगातार अटैकिंग गेम और सटीक प्लेसमेंट के दबाव में चीनी खिलाड़ियों ने कई अनफोर्स्ड एरर (Unforced Errors) किए।

  • मैच पॉइंट और जीत: त्रिशा और गायत्री ने लगातार अंक बटोरते हुए 9 मैच पॉइंट हासिल किए और अंत में तीसरा गेम 21-13 से जीतकर शान से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.