Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
थानों में CCTV पर महाधिवक्ता के जवाब से कोर्ट असंतुष्ट; मुख्य सचिव और गृह सचिव देंगे शपथ पत्र, झारखं... हजारीबाग में प्रमंडलीय खेल महोत्सव: 7 जिलों के 1300 खिलाड़ी लेंगे भाग, मैदान में बुनियादी सुविधाओं क... रांची में डॉक्टर से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार: जमीन सौदे के विवाद में दी थी जान से मा... रायपुर के गुढ़ियारी में मंदिर में तोड़फोड़ से तनाव: शिवजी, हनुमानजी और साईं बाबा की प्रतिमाएं खंडित;... सुकमा नवोदय विद्यालय की छात्रा की बिगड़ी तबीयत: इलाज के लिए दर-दर भटके परिजन, लिवर में सूजन और संक्र... दुर्ग नगर निगम में महापौर अलका बाघमार की इनोवा में लगी भीषण आग: चेंबर में जाते ही धू-धू कर जली गाड़ी... नेपाल की भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से तबाही: नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सरकार ने ज... कांकेर में भालुओं का भीषण आतंक: घरों में घुस रहे जंगली भालू, एक दरवाजे में लग रहे 7 ताले; 5 साल में ... बिलासपुर-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित परिचालन शुरू; रायपुर, दुर्ग, गोंदिया होकर चलेगी ट्रे... रायपुर सेंट्रल जेल: रक्षाबंधन पर बंदियों से मिल सकेंगी बहनें; 100 ग्राम मिठाई की अनुमति, मोबाइल-पर्स...

सुकमा नवोदय विद्यालय की छात्रा की बिगड़ी तबीयत: इलाज के लिए दर-दर भटके परिजन, लिवर में सूजन और संक्रमण से हालत गंभीर

जगदलपुर (छत्तीसगढ़): सुकमा जिले के आवासीय नवोदय विद्यालय में अध्ययनरत एक छात्रा की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने बीमारी की सूचना देने के बाद केवल प्राथमिक दवा देकर छात्रा को घर रवाना कर दिया। स्थिति में सुधार न होने पर लाचार पिता अपनी बेटी के समुचित इलाज के लिए छिंदगढ़, सुकमा से लेकर जगदलपुर तक के अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

🩺 ‘एक गोली देकर घर भेज दिया’: परेशान पिता ने सुनाई आपबीती

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप और घटनाक्रम:

  • स्कूल से मिली सूचना: छात्रा आंचल वर्मा के पिता अशोक वर्मा ने बताया कि उन्हें नवोदय विद्यालय की स्टाफ नर्स द्वारा बेटी के अस्वस्थ होने की सूचना दी गई थी।

  • अस्पतालों के चक्कर: घर भेजने के बाद छात्रा को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छिंदगढ़ और फिर जिला अस्पताल सुकमा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भी कोई सुधार नहीं दिखा।

  • रेफर की प्रक्रिया: सुकमा जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए छात्रा को तुरंत जगदलपुर या रायपुर रेफर करने की सलाह दी।

🚑 जगदलपुर के अस्पतालों में भटकता रहा परिवार, डॉक्टर के न मिलने से बढ़ी परेशानी

इलाज के दौरान आई मुश्किलें:

  • डॉक्टरों की अनुपस्थिति: पिता अपनी बेटी को लेकर 19 अगस्त को जगदलपुर के एमपीएम अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर उपस्थित नहीं थे।

  • निजी अस्पताल में उपचार: इसके बाद बच्ची को निजी क्लिनिक में डॉ. मनीष काले को दिखाया गया, जहां प्राथमिक दवाओं से क्षणिक राहत मिली लेकिन रात में दर्द पुनः बढ़ गया।

  • ओम अस्पताल में भर्ती: अन्य अस्पताल द्वारा हाथ खड़े करने के बाद अंततः छात्रा को जगदलपुर के ‘ओम अस्पताल’ में भर्ती कराया गया, जहां विभिन्न पैथोलॉजी जांचें कराई जा रही हैं।

🧪 खानपान से इंफेक्शन, लिवर में सूजन और पीलिया की पुष्टि

चिकित्सकीय जांच और स्वास्थ्य स्थिति:

  • संक्रमण की वजह: चिकित्सकों के अनुसार, हॉस्टल के खानपान और बाहर की खाद्य सामग्री के कारण शरीर में गंभीर आंतरिक संक्रमण (Infection) फैला है।

  • बीमारियों के लक्षण: डॉक्टरों ने पीलिया को नियंत्रित कर लिया है, किंतु छात्रा के लिवर में सूजन, पथरी और ओवरी से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।

  • आर्थिक बोझ: पीड़ित पिता ने बताया कि वे मजदूरी व ठेला लगाकर बच्चों को पढ़ाते हैं और अब तक जांच व दवाओं में 20 से 25 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।

🏫 स्कूल प्रबंधन का स्पष्टीकरण: ‘नियमों के तहत कराया गया प्राथमिक इलाज’

नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल का पक्ष:

  • बीमारी की जानकारी: नवोदय विद्यालय सुकमा के प्रिंसिपल बलराम जाटव ने बताया कि छात्रा 13 अगस्त को अस्वस्थ हुई थी और जांच में टाइफाइड के लक्षण मिले थे।

  • स्टाफ नर्स द्वारा देखभाल: उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियुक्त स्टाफ नर्स द्वारा प्राथमिक उपचार कराया गया और परिजनों को सूचित किया गया।

  • सुविधाओं का दावा: प्रिंसिपल के अनुसार, विद्यालय में एम्बुलेंस व प्राथमिक चिकित्सा की पूरी सुविधा है और परिजनों के पहुंचने पर छात्रा को 13 अगस्त को ही उनके सुपुर्द कर दिया गया था।

⚠️ बस्तर के आवासीय विद्यालयों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

आवासीय छात्रावासों की स्थिति:

  • पूर्व की घटनाएं: उल्लेखनीय है कि हाल ही में बस्तर संभाग के बीजापुर और सुकमा जिलों में आवासीय विद्यालयों के दो छात्रों की समय पर इलाज न मिलने और मलेरिया के कारण मौत हो चुकी है।

  • प्रशासनिक जवाबदेही: आवासीय परिसरों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छ खानपान और गंभीर स्थिति में त्वरित रेफरल व्यवस्था की कमी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.