दुर्ग में स्वाइन फ्लू का कहर: 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आंकड़ा पहुंचा 17, जिला अस्पताल में 10 बेड का स्पेशल वार्ड तैयार
दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर दुर्ग जिले में दर्ज किया जा रहा है।
जिले में रोजाना सामने आ रहे नए संक्रमितों के कारण स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। हालात पर काबू पाने और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
🏥 4 नए मामलों के साथ कुल आंकड़ा पहुंचा 17: जिला अस्पताल में 10 बेड का स्पेशल वार्ड
मरीजों की संख्या और चिकित्सीय व्यवस्था:
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नए मरीजों की पुष्टि: आज हुई लैब जांच में 4 नए मरीजों में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
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संक्रमितों की कुल संख्या: इन नए मामलों के साथ ही दुर्ग जिले में कुल एक्टिव व दर्ज मामलों का आंकड़ा बढ़कर 17 पर पहुंच गया है।
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विशेष आइसोलेशन वार्ड: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग जिला अस्पताल में 10 बिस्तरों का विशेष आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया गया है।
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तीन शिफ्टों में ड्यूटी: मरीजों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तीन शिफ्टों में तैनाती की गई है, जिससे आपात स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
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सिविल सर्जन का बयान: दुर्ग जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीषन कुमार मिंज ने बताया कि विभाग पूरी तरह अलर्ट है, दवाइयों और जांच किट की पर्याप्त व्यवस्था है तथा सभी पॉजिटिव मरीजों को तय प्रोटोकॉल के तहत बेहतर इलाज दिया जा रहा है।
🩺 स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण: समय पर पहचान है बेहद जरूरी
संक्रमण के मुख्य लक्षण:
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मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द: पूरे शरीर और मांसपेशियों में लगातार ऐंठन व दर्द बना रहना।
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तेज सिरदर्द और कमजोरी: असहनीय सिरदर्द के साथ अत्यधिक थकान और शारीरिक शिथिलता महसूस होना।
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तेज बुखार, ठंड और पसीना: कंपकंपी के साथ अचानक तेज बुखार आना और अत्यधिक पसीना निकलना।
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श्वसन संबंधी दिक्कतें: लगातार तेज सूखी या बलगम वाली खांसी, गले में गंभीर खराश व संक्रमण।
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आंखों में इंफेक्शन: आंखों का लाल होना, जलन और लगातार पानी बहना।
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पेट संबंधी समस्याएं: गंभीर मामलों में उल्टी, दस्त (डायरिया) और पेट दर्द की शिकायत होना।
✅ 8 मरीज स्वस्थ होकर लौटे घर: ट्रैवल और कॉन्टैक्ट हिस्ट्री की गहन जांच
रिकवरी और रोकथाम के उपाय:
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सफलतापूर्वक डिस्चार्ज: राहत की बात यह है कि कुल संक्रमितों में से 8 मरीज समय पर उचित इलाज मिलने के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।
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कांटेक्ट ट्रेसिंग जारी: शेष मरीजों का उपचार डॉक्टरों की सीधी निगरानी में जारी है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए स्वास्थ्य टीमें संक्रमितों के परिजनों, नजदीकी संपर्कियों और उनकी ट्रैवल हिस्ट्री का गहन ब्योरा जुटा रही हैं।
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संदिग्धों की निगरानी: ट्रेस किए गए संदिग्ध व्यक्तियों को होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी जा रही है और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सैंपलिंग व मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है।
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