Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में पुजारियों के लिए सख्त ड्रेस कोड और नई नियमावली, गर्भगृह में मोबाइल बैन
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम जन्मभूमि मंदिर में व्यवस्था और मर्यादा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुजारियों के लिए सख्त नियमावली लागू कर दी गई है।
मंदिर के गर्भगृह में अब पुजारियों द्वारा मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही पुजारियों की वेशभूषा, तिलक, क्षौर (पंचकेशी का पालन) और व्यक्तिगत शुचिता को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। चंदा चोरी से जुड़े विवादों और व्यवस्थागत विसंगतियों के उपरांत मंदिर की आंतरिक कार्यप्रणाली को अनुशासित और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
📜 मर्यादा और आचरण से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश: ड्यूटी के दौरान ट्रस्ट कर्मियों से बातचीत पर रोक
पुजारियों के लिए निर्धारित आचार संहिता:
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शुचिता और वेशभूषा: शौच के उपरांत बिना स्नान किए मंदिर या कोठार में प्रवेश वर्जित रहेगा। परिसर में उपस्थिति के दौरान मस्तक पर तिलक धारण करना और धर्म समिति द्वारा निर्धारित पारंपरिक वस्त्र पहनना अनिवार्य होगा।
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बातचीत पर प्रतिबंध: ड्यूटी के दौरान पुजारियों को मंदिर व्यवस्थापकों, धर्मगुरुओं और आचार्यों के अलावा अन्य सुरक्षाकर्मियों या ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं से अनावश्यक बातचीत से दूर रहने को कहा गया है।
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अनुशासन और मर्यादा: गर्भगृह या मंदिर परिसर में आपस में लगातार बातचीत, समूह चर्चा और हंसी-मजाक पर पूर्ण रोक रहेगी। किसी भी प्रकार की असुविधा या असंतोष की स्थिति में केवल मुख्य आचार्य से मार्गदर्शन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कार्य की समीक्षा: सेवाकाल के दौरान समयपालन अनिवार्य होगा और ड्यूटी समाप्त होने पर सहयोगियों को लिखित में कार्य समीक्षा सौंपनी होगी।
🛑 गर्भगृह में बाहरी सामग्री ले जाने पर मनाही: आचार्य बोले- परंपरा का हो रहा पालन
भोग-प्रसाद और पूजन परंपरा की स्थिति:
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बाहरी सामग्री प्रतिबंधित: मंदिर प्रशासन द्वारा स्वीकृत एवं उपलब्ध कराए गए आधिकारिक भोग-प्रसाद के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की बाहरी सामग्री को गर्भगृह में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
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व्यवस्थापक का बयान: आचार्य इंद्रदेव मिश्रा के अनुसार, मंदिर में सभी अनुष्ठान विशुद्ध रामानंदी परंपरा के तहत संपन्न हो रहे हैं। यह कोई विशेष सनद या कठोर आदेश नहीं, बल्कि पूजा-अर्चना की शास्त्रीय मर्यादा और गरिमा बनाए रखने के लिए दी गई आवश्यक व्यवस्था है।
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आरती के समय में परिवर्तन: हाल ही में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर से ही मंदिर में आरती की प्रक्रिया और समय में भी आवश्यक बदलाव किए जा चुके हैं।
🏗️ श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की 3 दिवसीय बैठक: नृपेंद्र मिश्र ने परखा काम
परियोजनाओं की समीक्षा और सुरक्षा दीवार पर चर्चा:
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स्थलीय निरीक्षण: मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में तीन दिवसीय समीक्षा बैठक का आरंभ हुआ। उन्होंने निर्माणाधीन स्मारक स्तंभ और पुराने अस्थायी मंदिर स्थल के सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
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तकनीकी प्रगति की समीक्षा: श्रद्धालु सुविधा केंद्र (पीएफसी) के सभागार में निर्माण एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मंदिर निर्माण के आगामी चरणों और गति पर विचार-विमर्श किया गया।
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4 किमी लंबी सुरक्षा दीवार: बैठक में मंदिर परिसर को सुरक्षित रखने के लिए करीब 4 किलोमीटर लंबी बाहरी परकोटा (सुरक्षा दीवार) के निर्माण की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।
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नए सीईओ की भागीदारी: बैठक का एक सत्र राम कथा संग्रहालय में होगा, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नव-नियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के प्रथम बार शामिल होने की संभावना है।
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