Vrindavan Silver Chariot News: बांके बिहारी मंदिर के चांदी के रथ पर मचा घमासान, सेवायतों और प्रबंधन आमने-सामने
भगवान कृष्ण की रास स्थली वृंदावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर के करीब 200 किलो वजनी चांदी के रथ का विवाद अब काफी गहराता नजर आ रहा है. इस बार की रथयात्रा में इस भव्य रथ को शामिल नहीं किया गया था, जिसके बाद इसके गायब होने की शिकायत सामने आई. इस गंभीर मुद्दे पर अब मंदिर प्रबंधन और सेवायतों के बीच आमने-सामने का संग्राम शुरू हो चुका है और यह पूरा मामला पुलिस व प्रशासन तक पहुंच गया है.
🔍 2. पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची सेवायत की गद्दी पर, बिना लिखित नोटिस सामग्री दिखाने से किया इनकार
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने एक जांच समिति का गठन किया था. इसके तहत रविवार को सीओ वृंदावन संदीप सिंह और अपर नगर मजिस्ट्रेट रामप्रसाद त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ सेवायत गोस्वामी ज्ञानेंद्र गोस्वामी और बृजेन्द्र किशोर गोस्वामी की गद्दी पर जांच के लिए पहुंचे. अधिकारियों ने चांदी का रथ और उससे जुड़ी सामग्री दिखाने को कहा, लेकिन सेवायतों ने बिना किसी लिखित आधिकारिक नोटिस के सामग्री दिखाने से साफ इनकार कर दिया.
📄 3. प्रशासन ने जारी किया विधिवत नोटिस, सुरक्षा, दान रसीद और मालिकाना हक पर मांगी पूरी डिटेल
अधिकारियों के बैरंग वापस लौटने के बाद प्रशासन ने विधिवत नोटिस जारी किया और सेवायतों से चांदी की सामग्री की सुरक्षा, दान की रसीदें, रथ के मालिकाना हक और उसके वर्तमान ठिकाने से जुड़ी जानकारी विस्तार से मांगी है. बताया जा रहा है कि इस रथ में लगभग 160 किलो शुद्ध चांदी और बाकी लकड़ी व अन्य सामग्री मिलाकर इसका कुल वजन करीब 200 किलो है, जो चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है.
🤝 4. मालिकाना हक को लेकर सेवायत का दावा- यह मंदिर की नहीं बल्कि ट्रस्ट की संपत्ति, गोस्वामी समाज नाराज
इस रथ को लेकर सेवायत ज्ञानेंद्र गोस्वामी का दावा है कि यह मंदिर की संपत्ति नहीं है, बल्कि उनके पिता द्वारा बनाए गए ट्रस्ट को यजमानों ने दान किया था. उनका कहना है कि साल 2013 से रथयात्रा में इसका उपयोग होता रहा है, लेकिन इस बार रेलिंग और कमेटी का सहयोग न मिलने से इसे शामिल नहीं किया जा सका. उधर, अचानक गद्दी पर पुलिस के पहुंचने से गोस्वामी समाज में भारी नाराजगी है और समाज ने जांच समिति के अधिकारों पर सवाल उठाते हुए जल्द बैठक कर अगली रणनीति बनाने की बात कही है.
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