Lah Poshak Samriddhi Yojana Jharkhand: लाह उत्पादकों की बढ़ेगी आय, झारखंड सरकार बांटेगी पोषक पौधे; शिल्पी नेहा तिर्की का निर्देश
रांची। सहकारिता प्रभाग के माध्यम से झारखंड राज्य में चल रहे विभिन्न कामकाज और योजनाओं की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभाग के सचिव, विशेष सचिव, निबंधक (सहयोग समितियां) तथा सभी प्रमुख एपेक्स सोसायटियों के प्रबंध निदेशक उपस्थित रहे। इनमें झास्कोलैम्प्स, झमकोफेड, सिद्धकोफेड, झास्कोफिश एवं झारखंड मिल्क फेडरेशन के एमडी मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक के दौरान बजटीय प्रावधानों, व्यय की प्रगति, संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति और नई योजनाओं की कार्य प्रगति का विस्तृत ब्योरा लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि किसानों व ग्रामीणों को धरातल पर स्थायी लाभ पहुंचाना है।
❄️ हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर: आधुनिक लॉजिस्टिक कंपनियों से ली जाएगी कंसल्टेंसी
समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
वर्तमान में इसके लिए डीपीआर (DPR) तैयार कराने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन अब तक प्राप्त प्रारूपों से विभाग संतुष्ट नहीं है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश की अग्रणी लॉजिस्टिक और कोल्ड-चेन सिस्टम कंपनियों को कंसल्टेंसी के लिए आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 20 जिलों में 5,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज बनाए गए हैं, इसलिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना में आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता और भविष्य की जरूरतों का समावेश शुरुआत से ही होना चाहिए।
🌾 सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगा मड़ुवा (रागी) का पौष्टिक आहार: किसानों को मिलेगा सुनिश्चित बाजार
बैठक में सिद्धकोफेड द्वारा ‘प्रधानमंत्री पोषण योजना’ के तहत सरकारी विद्यालयों के मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) में रागी (मड़ुवा) के आटे की आपूर्ति से संबंधित प्रस्ताव की गहन समीक्षा की गई।
शुरुआती चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत रांची, खूंटी और सरायकेला-खरसावां जिलों को शामिल किया गया है। मंत्री ने बताया कि यह पहल दोहरे लाभ देगी—एक ओर स्कूली बच्चों को कुपोषण से बचाकर पौष्टिक आहार मिलेगा, तो दूसरी ओर स्थानीय किसानों के मड़ुवा उत्पादन को सुनिश्चित बाजार और बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। सफलता मिलने पर इस मॉडल को पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।
🌳 ‘लाह पोषक समृद्धि योजना’ से मजबूत होगी किसानों की आय: मुफ्त मिलेंगे सीमियालता, कुसुम और बेर के पौधे
बैठक में झास्कोलैम्प्स द्वारा प्रस्तावित ‘लाह पोषक समृद्धि योजना’ पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस योजना के अंतर्गत योग्य लाभुकों को लाह (Lac) उत्पादन के लिए उपयोगी वृक्ष प्रदान किए जाएंगे।
प्रत्येक लाभुक को 400 सीमियालता, 5 कुसुम, 5 बेर तथा 20 कैलियेंड्रा/कैलोथायरस के पौधे दिए जाएंगे। सीमियालता के पौधे लगभग एक वर्ष के भीतर ही लाह उत्पादन के योग्य हो जाते हैं। लगभग 20 डिसमिल भूमि पर एकीकृत खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय के स्रोतों को बहुआयामी बनाया जाएगा।
💼 सहकारिता के माध्यम से लाह उत्पादन का विस्तार: प्रसंस्करण से लेकर बाजार तक मदद करेगी सरकार
कृषि मंत्री ने कहा कि झारखंड में प्राकृतिक रूप से लाह उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार सहकारिता के माध्यम से लाह उत्पादकों को उत्पादन, प्रसंस्करण (Processing) से लेकर बाजार उपलब्ध कराने तक हर स्तर पर सहयोग दे रही है।
समीक्षा के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, तकनीकी गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि राज्य के हर किसान को उसका सीधा और न्यायसंगत लाभ मिल सके।
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