Engineers Day Celebration Ranchi: 59वें इंजीनियर्स डे पर बोलीं मंत्री दीपिका पांडेय- ‘झारखंड में ऐसी संरचनाएं बनें, जिनकी 100 साल बाद भी चर्चा हो’
रांची। झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ ने 59वें इंजीनियर्स डे एवं भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रांची में एक भव्य समारोह का आयोजन किया।
समारोह में राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुईं। उन्होंने महान अभियंता एम. विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। मंत्री ने कहा कि इंजीनियर किसी भी राज्य के बुनियादी विकास की असली आधारशिला होते हैं।
🏗️ ‘100 साल बाद भी हो काम की चर्चा’: टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं के निर्माण पर दिया जोर
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में ऐसी संरचनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, जो जनता के लिए दीर्घकालिक रूप से उपयोगी, अत्यंत मजबूत और टिकाऊ हों।
उन्होंने कहा कि राज्य में निर्माण कार्य इस सोच और मजबूती के साथ किए जाएं, जिनकी मिसाल और चर्चा 100 वर्ष बाद भी दी जाए। मंत्री ने याद दिलाया कि झारखंड प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिकोण से अपेक्षाकृत काफी सुरक्षित राज्य है, इसलिए यहां बनने वाले पुल, भवन और सड़कों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
⏱️ अनुशासन और समयबद्धता का आह्वान: डीपीआर बनाने में तकनीकी पहलुओं के गंभीर अध्ययन के निर्देश
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य के सभी अभियंताओं से अनुशासन, निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिया कि डीपीआर (DPR) में बार-बार संशोधन की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए योजना निर्माण के प्रारंभिक स्तर पर ही सभी तकनीकी पहलुओं का पूरी गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए।
🚗 संघ की मांगों पर दिया आश्वासन: तकनीकी प्रशिक्षण और संसाधनों का होगा विस्तार
समारोह के दौरान झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों पर मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया।
उन्होंने संघ को आश्वस्त करते हुए कहा कि अभियंताओं द्वारा रखी गई मांगें पूरी तरह जायज हैं। चाहे वह वाहनों की उपलब्धता का विषय हो या आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़ा मामला, राज्य सरकार के स्तर पर इनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
🌟 ‘इंजीनियरों की प्रतिभा का हो बेहतर उपयोग’: राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का लक्ष्य
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि झारखंड के इंजीनियरों में क्षमता और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी तकनीकी दक्षता और अनुभव का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में ऐसी विशिष्ट संरचनाएं बनाई जाएं, जिन्हें देखने के लिए देशभर से लोग झारखंड आएं।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफीजुल हसन, विभागीय सचिव तथा संघ के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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