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Sunam Farmers Protest: सुनाम में उग्र हुआ किसान आंदोलन; बैरिकेड्स तोड़ रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, ट्रेनें प्रभावित

सुनाम। सुनाम में भारतीय किसान यूनियन एकता (आजाद) द्वारा आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रदेशाध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के आवास के समक्ष शुरू किया गया अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन चौथे दिन और अधिक उग्र हो गया।

राज्य स्तरीय नेता लखवीर सिंह दायुधर के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं, युवाओं और हजारों किसानों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ठीक दोपहर 12 बजे रेलवे ट्रैक की ओर कूच किया। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा इंतजामात के बावजूद किसान पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर सीधे रेलवे लाइन पर पहुंचने में कामयाब रहे। किसानों ने पंजाब व केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए ट्रैक पर ही धरना दे दिया।

🚂 नशा, दमन और एमएसपी की मांगों को लेकर 6 जगहों पर ट्रेनों की रफ्तार थमी: किसान नेताओं का सरकार पर हमला

रेलवे ट्रैक पर धरने को संबोधित करते हुए राज्य स्तरीय किसान नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल और मनजीत सिंह नियाल ने पंजाब सरकार व केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली।

उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार फैल रहे नशे के जाल, सरकारी तंत्र के दमनकारी रवैये और किसानों-मजदूरों की जायज मांगों को लेकर पूरे राज्य में करीब 6 मुख्य स्थानों पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह रोककर संघर्ष चलाया जा रहा है। किसान नेताओं ने सवाल उठाया कि जनता की वाजिब मांगों का तुरंत समाधान निकालने के बजाय पंजाब सरकार किसानों पर दबाव बनाने और उन्हें दबाने का रास्ता अपना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

📜 एमएसपी गारंटी, गन्ने का 550 रुपये भाव और बिजली बिल रद्द करने समेत किसान संगठन की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी किसान संगठनों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगों की विस्तृत सूची रखते हुए तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है:

  • फसलों की सरकारी खरीद व एमएसपी: मक्का, मूंग, आलू, सरसों और बासमती की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय कर शत-प्रतिशत सरकारी खरीद की पक्की गारंटी का कानून बनाया जाए।

  • गन्ने का मूल्य व भुगतान: गन्ने का राज्य सहमत मूल्य (SAP) 550 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए और चीनी मिलों की तरफ बकाया बकाया राशि का तुरंत ब्याज सहित भुगतान हो।

  • किसान-विरोधी बिल व लैंड पूलिंग रद्द हो: बिजली संशोधन बिल 2025, बीज बिल 2025 और कोऑपरेशन बिल 2026 के माध्यम से लाई गई ‘लैंड पूलिंग स्कीम’ को तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) रद्द करने का प्रस्ताव पारित हो।

  • पानी के अधिकार व भूमि सुरक्षा: पुनर्गठन अधिनियम 1966 की धारा 78, 79 और 80 को रद्द कर पंजाब के पानी के अधिकारों को सुरक्षित किया जाए। काबिज किसानों से जबरन जमीन छीनना बंद हो, उन्हें मालिकाना हक मिले और गेहूं की बुआई के लिए यूरिया व डीएपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

  • मुआवजा व मुकदमे वापसी: किसान आंदोलनों (शंभू व खनौरी बॉर्डर) में शहीद व दिव्यांग हुए किसानों के परिवारों को सरकारी नौकरी और आर्थिक मुआवजा मिले। किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे और पराली जलाने के केस तुरंत रद्द किए जाएं तथा बाढ़, ओलावृष्टि व आग से तबाह हुई फसलों का पूरा मुआवजा दिया जाए।

✊ जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, जारी रहेगा अनिश्चितकालीन संघर्ष: महिला किसान नेताओं की चेतावनी

धरने के दौरान महिला नेताओं बलजीत कौर, गुरप्रीत कौर और अन्य किसान प्रतिनिधियों ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान अपनी हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटने वाले हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पंजाब और केंद्र सरकार बैठकर उनकी तमाम मांगों को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं कर लेती, तब तक यह अनिश्चितकालीन ‘रेल रोको’ और घेराव संघर्ष इसी तरह उग्र रूप में जारी रहेगा।

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