Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Gurugram Police Action: राजस्थान से गिरफ्तार मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला कोर्ट में पेश, 1 अक्टूबर को ह... Haryana Petrol Pump Association: प्रति लीटर कमाई से ज्यादा चार्ज, जानिए क्यों यूपीआई पेमेंट का विरोध... Pehowa Sadar Police Action: कुरुक्षेत्र में सड़क हादसे के बाद फरार बस चालक की तलाश जारी, पुलिस खंगाल... Haryana Police Crime News: कैथल में पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज, 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का ... Chandigarh News: मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के कार्यों से गदगद हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कहा- संकट के... Amritsar ASI Murder Case: शहीद ASI हरजीत सिंह के परिवार को ₹2 करोड़ का मुआवजा; CM भगवंत मान का बड़ा ... Ludhiana Horror: घर में घुसकर किशोरी को किडनैप कर शिमला ले गया आरोपी, 1 महीने तक होटल में बंधक बनाकर... Punjab DA Hike News: कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत; DA 42% से बढ़कर हुआ 50%, अगले वेतन के साथ मिलेगा... Gurdaspur Road Accident: दीनानगर में दर्दनाक सड़क हादसा; रेत से भरे टिप्पर ने बाइक सवार को रौंदा, डा... Kharar Theft Case: 29 जुलाई और 7 सितंबर को चोरी हुए ट्रैक्टर बरामद; सदर पुलिस ने मेरठ और दिल्ली से द...

SKMU Dumka Hunger Strike: दुमका में ABVP छात्रों की भूख हड़ताल का चौथा दिन; लगातार गिर रहा BP और ग्लूकोज लेवल

दुमका। विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर दुमका स्थित सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMU) के मुख्य गेट पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों का आमरण अनशन लगातार जारी है।

शुक्रवार को भूख हड़ताल के चौथे दिन अनशन पर बैठे दोनों छात्रों की तबीयत अचानक काफी बिगड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष मेडिकल टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया।

🩺 “ब्लड प्रेशर और ग्लूकोज लेवल काफी कम”: चिकित्सा पदाधिकारी ने जांच के बाद जताई चिंता

दुमका सदर प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मकसूद आलम ने भूख हड़ताल पर बैठे दोनों छात्र सूरज कुमार और हिमांशु कुमार के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की।

जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि लगातार चार दिनों से अन्न-जल त्यागने के कारण दोनों छात्रों की शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है। दोनों का ब्लड प्रेशर (BP) और शरीर में ग्लूकोज का स्तर लगातार खतरनाक रूप से घट रहा है, जिसके लिए उन्हें चिकित्सीय निगरानी की सख्त जरूरत है।

📢 “विश्वविद्यालय प्रशासन बेखबर”: समर्थन में बैठे छात्रों ने जताई नाराजगी

भूख हड़ताल पर बैठे अनशनकारियों के समर्थन में धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अन्य छात्र भी डटे हुए हैं।

समर्थन में बैठे छात्र मनीष कुमार ने विवि प्रबंधन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन के चार दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक एसकेएम विश्वविद्यालय प्रशासन या जिला प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी छात्रों की सुध लेने धरना स्थल पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह से जायज और छात्रहित में हैं।

📜 परीक्षा नियंत्रक को हटाने समेत ये हैं मुख्य मांगें: छात्रों ने गिनाईं विश्वविद्यालय की अनियमितताएं

आंदोलनरत छात्रों की सबसे मुख्य मांग विश्वविद्यालय की प्रभारी परीक्षा नियंत्रक रीना नीलिमा लकड़ा को पद से तत्काल हटाना है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा विभाग में परीक्षा संचालन, रिजल्ट प्रकाशन, सर्टिफिकेट निर्गत करने, परीक्षा केंद्र निर्धारण और री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) में भारी धांधली और अनियमितता बरती जा रही है।

छात्रों ने मांग की है कि:

  • परीक्षा विभाग की धांधली की जांच किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय कमेटी या सक्षम अधिकारी से कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

  • रिजल्ट प्रकाशन और सर्टिफिकेट प्रिंट करने वाली एजेंसी ‘NCCF’ को तुरंत हटाया जाए।

  • विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक पारदर्शी ‘शिकायत समाधान केंद्र’ (Grievance Redressal Cell) बनाया जाए।

  • विश्वविद्यालय और इसके अंतर्गत आने वाले सभी अंगीभूत कॉलेजों में जनरल (सामान्य) और ओबीसी (OBC) वर्ग के छात्रों के लिए शीघ्र नए छात्रावासों का निर्माण कराया जाए।

🏛️ छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएं और LLB की पढ़ाई शुरू करने की मांग: तकनीकी गुणवत्ता की जांच की शर्त

छात्रों ने मांग रखी है कि वर्तमान में संचालित छात्रावासों में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली, साफ-सुथरे शौचालय, गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही विश्वविद्यालय में अधूरे पड़े केंद्रीय पुस्तकालय भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और नवनिर्मित भवन को छात्रों के उपयोग में लाने से पूर्व उसकी निर्माण गुणवत्ता की जांच किसी सक्षम तकनीकी एजेंसी से कराई जाए। छात्रों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र एवं परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित समय सारणी (एकेडमिक कैलेंडर) के अनुसार संचालित हो तथा विश्वविद्यालय में शीघ्र एलएलबी (LLB) की पढ़ाई शुरू कराई जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.