Chhattisgarh Naxal News: बीजापुर में जमीन के नीचे गाड़कर रखे गए थे हथियार; भैरमगढ़ पुलिस ने जब्त किए 76 जिंदा राउंड
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। भैरमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उतला के घने जंगलों में बीजापुर पुलिस ने सर्चिंग अभियान चलाकर नक्सलियों का एक बड़ा हथियार डंप बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में आत्मसमर्पण (Surrender) करने वाले नक्सलियों से की गई गहन पूछताछ के दौरान मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई है। नक्सलियों द्वारा जंगल में जमीन के भीतर गाड़कर छिपाए गए इस डंप से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
👮 पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चला सर्च अभियान: भैरमगढ़ थाना बल ने जंगल से निकाला डंप
यह पूरी सफलता बीजापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) उमेश प्रसाद गुप्ता के कड़े निर्देशों तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपर एसपी नक्सल) अमन झा के कुशल नेतृत्व में संचालित की गई।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से पुख्ता इनपुट मिलने के तुरंत बाद भैरमगढ़ थाने से पुलिस बल को ग्राम उतला के जंगल की ओर रवाना किया गया। सघन तलाशी (Searching) के दौरान जवानों को जमीन के भीतर संदिग्ध अवस्था में छिपाकर रखा गया डंप दिखाई दिया। जवानों ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए डंप को जमीन से बाहर निकाला और उसकी तलाशी शुरू की।
🔫 बरामद हुए जानलेवा हथियारों का जखीरा: AK-47 और पिस्टल सहित 76 जिंदा राउंड हाथ लगे
पुलिस द्वारा डंप की तलाशी लेने पर उसके भीतर से घातक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया:
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हथियार: 01 AK-47 राइफल, 01 315 बोर राइफल, 01 सिंगल शॉट राइफल और 01 9 एमएम (9mm) पिस्टल।
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मैगजीन व कारतूस: 02 AK-47 मैगजीन, AK-47 के 45 जिंदा राउंड, 9 एमएम पिस्टल के 25 जिंदा राउंड और 315 बोर राइफल के 06 जिंदा राउंड।
इस तरह पूरी कार्रवाई में जवानों ने कुल 76 जिंदा कारतूस (राउंड) जब्त करने में सफलता हासिल की है। पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से संगठन की गतिविधियों, रणनीतियों और पुरानी घटनाओं के संबंध में लगातार पूछताछ जारी है, जिससे कई महत्वपूर्ण राज उजागर हो रहे हैं। बरामद हथियारों को भैरमगढ़ थाने लाकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
🤝 सरेंडर नक्सलियों के पुनर्वास का दिख रहा असर: मुख्यधारा से जोड़ने की पहल से मिल रही सफलता
बीजापुर पुलिस द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कई जनकल्याणकारी और सामाजिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इन योजनाओं से पूर्व नक्सलियों का पुलिस व शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है, जिससे वे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। इसी बदले हुए माहौल के कारण सरेंडर कर चुके नक्सली अब संगठन द्वारा जंगलों में छिपाकर रखी गई गोला-बारूद की गुप्त जानकारियों को पुलिस के साथ साझा कर रहे हैं, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम उतला के जंगलों से हथियारों की यह बड़ी बरामदगी है।
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