Dhanbad Binod Bihari Mahato Jayanti: ‘पढ़ो और लड़ो’ के प्रणेता बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती; जयराम महतो ने उठाई बड़ी मांग
धनबाद। झारखंड आंदोलन के महान प्रणेता और ‘झारखंड के भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती धनबाद और आसपास के इलाकों में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, डुमरी विधायक जयराम महतो, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो सहित कई गणमान्य नेताओं ने बिनोद बाबू की प्रतिमा व चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
🏛️ दिशोम गुरु की तर्ज पर बिनोद बाबू को भी मिले राजकीय सम्मान: विधायक जयराम महतो ने उठाई प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग
जयंती समारोह के दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा राजनीतिक-सामाजिक मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार झारखंड आंदोलन के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को राज्य भर में सम्मान दिया जा रहा है और विभिन्न जिलों, प्रखंडों व कस्बों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं, उसी प्रकार स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो को भी पूरे सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए। जयराम महतो ने मांग की कि राज्य के हर प्रखंड और कस्बे में बिनोद बाबू की प्रतिमाएं लगाई जाएं।
🤝 ‘गुरु बिनोद बाबू थे और शिबू सोरेन उनके शिष्य’: दोनों महान नेताओं के ऐतिहासिक रिश्तों का किया जिक्र
विधायक जयराम महतो ने बिनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के गहरे ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन के शुरुआती दिनों में बिनोद बाबू गुरु की भूमिका में थे और शिबू सोरेन उनके शिष्य।
ऐसे में दोनों महान जननायकों को राज्य में एक समान आदर और स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने मंच पर मौजूद टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो से भी आग्रह किया कि वे राज्य सरकार के स्तर पर बिनोद बाबू की प्रतिमाएं स्थापित कराने और उनकी स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए ठोस पहल करें।
📚 ‘पढ़ो और लड़ो’ का कालजयी संदेश आज भी प्रासंगिक: धनबाद में लवकुश सेवा संघ ने आयोजित किया विचार मंच
धनबाद के एक निजी होटल में लवकुश सेवा संघ की ओर से बिनोद बिहारी महतो की जयंती पर विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बिनोद बाबू के ऐतिहासिक नारे ‘पढ़ो और लड़ो’ पर गहन मंथन किया। वक्ताओं ने कहा कि बिनोद बाबू का मानना था कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव और शोषण के खिलाफ लड़ाई का सबसे सशक्त हथियार है। उनका यह संदेश आज भी समाज के पिछड़े, वंचित वर्गों और युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम कर रहा है।
🌾 बलियापुर के बीबीएम कॉलेज में प्रतिभा और किसान सम्मान समारोह: सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो रहे मुख्य अतिथि
धनबाद के बलियापुर स्थित बीबीएम इंटर कॉलेज परिसर में भी 103वीं बिनोद जयंती धूमधाम से मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत बिनोद बाबू के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ में शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं व स्थानीय किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि बिनोद बाबू का जीवन और उनके विचार आने वाली नई पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
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