Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Jantar Mantar Protest: दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ MCIM का बड़ा प्रदर्शन, कई सांसद होंगे श... BJP News: 'सार्वजनिक जीवन में रखें शुचिता', पार्टी नेताओं को महंगे तोहफों से बचने की सलाह; चुनावी रा... Hyderabad Crime: मणिकोंडा के फ्लोटिला अपार्टमेंट में 'चड्डी गैंग' का धावा, महिला पर हमला कर लाखों की... Mumbai Illegal Construction: मुंबई में 14 फीट से ऊपर बने मकानों पर घमासान, कांग्रेस और शिवसेना UBT न... Kanpur Flood News: पांडु नदी के उफान में फंसा गर्भवती महिला का परिवार, 25 मिनट में NDRF ने किया सुरक... UP Politics: यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों का सियासी गणित, 8 वोटों की खातिर क्या फिर होगी क्रॉस वोटि... Agra News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर पर कांग्रेस का हंगामा, दीवार पर पोती कालिख; ... Traffic Challan Recovery: नहीं भरा ट्रैफिक चालान तो कट जाएगी बिजली! सुप्रीम कोर्ट का बिजली बिल से जो... Barapullah Phase 3 Inauguration: दिल्ली को मिली बड़ी सौगात, अमित शाह कल करेंगे बारापुला फेज-3 का उद्... UP Crime News: फतेहपुर के मलवां कस्बे में भीषण सिलेंडर विस्फोट, मकान मलबे में तब्दील; सीएमओ ने की 4 ...

Jammu and Kashmir Assembly: राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव पर सियासत तेज, उमर अब्दुल्ला बोले- बीजेपी विधायक बन रहे हैं रोड़ा

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य का दर्जा (Statehood) बहाल किए जाने को लेकर आधिकारिक प्रस्ताव पेश किया, जिसके सदन में आते ही जबरदस्त राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया। इस तीखे विरोध और हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही को 30 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक ही जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के मार्ग में सबसे बड़ा रोड़ा बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि यदि वास्तव में बीजेपी जम्मू-कश्मीर की जनता की हितैषी होती, तो वह इस प्रस्ताव को लेकर पुराने विधानसभा प्रस्तावों का बहाना नहीं बनाती।

🛑 ‘राज्य का दर्जा नहीं देना चाहती बीजेपी’: उमर अब्दुल्ला ने 29 विधायकों को बताया रुकावट

मुख्यमंत्री के मुख्य बिंदु और तर्क:

  • पुराने प्रस्तावों से तुलना: सीएम ने स्पष्ट किया कि यह नया प्रस्ताव पहले पास हुए प्रस्तावों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करता है, और हम चाहते हैं कि इस बार बीजेपी सिर्फ राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए सकारात्मक रूप से मतदान करे।

  • अड़ंगेबाजी का आरोप: उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में जनता ने जिन कठिनाइयों का सामना किया है, उन्हें दूर करने के लिए केंद्र सरकार तक स्पष्ट संदेश पहुंचना जरूरी है। उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी के 29 विधायक ही राज्य का दर्जा पाने में सबसे बड़ी रुकावट बने हुए हैं।

  • जनता के अधिकार: मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य सिर्फ नई दिल्ली तक जनता की आवाज पहुंचाना है, क्योंकि बीजेपी ने खुद अपने चुनाव में राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था।

⚠️ बीजेपी ने प्रस्ताव को बताया विवादित और अस्वीकार्य: सुनील शर्मा का कड़ा पलटवार

विपक्ष का रुख और आपत्तियां:

  • पुराने विवादित मुद्दों को उठाने का आरोप: बीजेपी विधायक और नेता प्रतिपक्ष (LoP) सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री द्वारा पेश इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेहद विवादित और बहस वाला करार दिया।

  • ऑटोनॉमी प्रस्ताव का जिक्र: सुनील शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस 26 जून 2000 के प्रस्ताव का परोक्ष रूप से जिक्र कर रहे हैं, उसे तत्कालीन केंद्र सरकार (अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल) द्वारा पहले ही खारिज किया जा चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस समय भी नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार का हिस्सा थी और आज उसी पुराने और विवादित दर्जे को दोबारा उठाना पूरी तरह अस्वीकार्य है, जिसे बीजेपी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

❓ कांग्रेस पार्टी से मांगा गया स्पष्टीकरण: अनुच्छेद 370 और पुराने एजेंडे पर सवाल

विपक्ष द्वारा कांग्रेस पर दबाव:

  • कांग्रेस का रुख साफ हो: एलओपी सुनील शर्मा ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस को इस मामले में अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करना चाहिए।

  • सवाल: उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी से लेकर राज्य इकाई के प्रमुख तक सभी नेताओं को यह बताना चाहिए कि क्या वे इस प्रस्ताव, 1953 से पहले की स्थिति और अनुच्छेद 370 के समर्थन में हैं या सरकार के साथ खड़े हैं?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.