Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
गांधी जयंती पर बटुराबहार में कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ, विधायक गोमती साय हुईं शामिल Parliament Question Hour Analysis: संसद के लाखों सवालों में आम जनता के मुद्दे कहां? जानिए गरीबी और ज... Maharashtra Voter List SIR 2026: वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी सूची, चुनाव आयोग क... RSS Chief Mohan Bhagwat: अतिवाद से परेशान है दुनिया, भारत के पास है ज्ञान का खजाना; अखिल भारतीय विहा... Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के ब... Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्... Manori Beach News: स्पीडबोट से विदेशी जहाज में चोरी करने घुसे थे बदमाश, गैस रिसाव से 4 की मौत; हेलीक... यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा का चुनावी चक्रव्यूह: 23 अक्टूबर को मतदान, सामाजिक समीकरणों पर जोर Ramnagar Road Accident: नैनीताल घूमने निकले नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर यतीश यादव की सड़क हादसे में मौत,... दिल्ली के 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा: उपराज्यपाल के निर्देश पर DDA ने 3 श्रेणियों में बांटे पा...

Dhule Farmer Destroys Papaya Crop: सूखे से परेशान किसान का दर्द आया सामने, ट्रैक्टर चलाकर नष्ट किए पौधे

महाराष्ट्र के धुले जिले में सूखे और गंभीर पानी की कमी से परेशान एक किसान ने अपनी करीब तीन एकड़ में खड़ी पपीते की फसल पर खुद ही रोटावेटर चलाकर उसे नष्ट कर दिया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि किसान ने यह दर्दनाक कदम एनसीपी विधायक रोहित पवार के सामने उठाया, जो उस दौरान इलाके में सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए दौरे पर आए थे। फसल बर्बाद होते देख विधायक ने जब इसकी वजह पूछी, तो किसान का दर्द फूट पड़ा।

💸 साढ़े तीन लाख रुपये की लागत डूबी, पानी की कमी के कारण पौधों पर नहीं आए फल

यह पूरा मामला धुले जिले के चिंचवार इलाके का है, जहां किसान इसामुद्दीन पटेल ने करीब तीन एकड़ जमीन पर पपीते की खेती की थी। किसान के मुताबिक, कड़ी मेहनत के बाद फसल तो तैयार हो गई, लेकिन पानी की भारी कमी के कारण पौधों पर फल ही नहीं आए। इस खेती में उसकी करीब साढ़े तीन लाख रुपये की लागत आई थी। जब नुकसान बहुत ज्यादा बढ़ गया और आगे भी राहत की उम्मीद नहीं दिखी, तो उसने निराश होकर खुद ही खेत में खड़ी फसल को नष्ट करने का बड़ा फैसला ले लिया।

🏛️ विधायक ने की सांत्वना देने की कोशिश, पालकमंत्री जयकुमार रावल पर साधा निशाना

विधायक रोहित पवार ने किसान को सलाह दी थी कि सरकारी सर्वे और पंचनामा होने तक फसल को रहने दें, लेकिन किसान का कहना था कि अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। इस घटना के बाद विधायक रोहित पवार ने धुले के पालकमंत्री जयकुमार रावल पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि मंत्रियों को नाच-गाने में व्यस्त रहने के बजाय संकट में फंसे किसानों की सुध लेनी चाहिए। फिलहाल इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में किसानों की बदहाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.