West Bengal Liquor Policy: बंगाल में शराब की नई दुकानों के लिए बदले नियम, स्कूल-मंदिरों से तय हुई न्यूनतम दूरी
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से शराब की नई खुदरा दुकानों के लाइसेंस जारी करने को लेकर आबकारी नियमों में बड़ा संशोधन किया गया है।
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शहरी और नगरपालिका क्षेत्रों में नई दुकानों के लिए धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों से न्यूनतम दूरी को 300 मीटर से बढ़ाकर 500 मीटर कर दिया गया है।
वहीं, राज्य के ग्रामीण और गैर-नगरपालिका क्षेत्रों में शराब की नई दुकानों के लिए यह सीमा बढ़ाकर एक किलोमीटर निर्धारित की गई है। सरकार का यह कदम शिक्षण संस्थानों और पूजा स्थलों के आसपास शराब की बिक्री को सीमित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
🚫 ग्रामीण क्षेत्रों में 1 किलोमीटर के दायरे में नया लाइसेंस नहीं: शराब संघ ने दी जानकारी
आबकारी विभाग की नई अधिसूचना और संघ का पक्ष:
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ग्रामीण इलाकों के कड़े नियम: राज्य शराब संघ (Liquor Association) के सचिव बिजन पात्रा ने गुरुवार को बताया कि नई अधिसूचना के तहत ग्रामीण और गैर-नगरपालिका क्षेत्रों में स्कूलों, कॉलेजों और धार्मिक संस्थानों के 1 किमी के दायरे में शराब का कोई नया लाइसेंस स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
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शहरी क्षेत्रों के लिए मानक: कोलकाता नगर निगम (KMC) और अन्य सभी नगरपालिका क्षेत्रों के लिए धार्मिक स्थलों व स्कूलों से यह न्यूनतम दूरी 500 मीटर रखी गई है।
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मॉल में शिफ्टिंग पर छूट: नियमों के अनुसार, यदि कोई पुरानी व मौजूदा शराब की दुकान किसी भी आकार के शॉपिंग मॉल में स्थानांतरित (Shift) होती है, तो उस पर दूरी संबंधी यह नियम 8 लागू नहीं होगा।
🏬 पुराने नियमों में थी 300 मीटर की शर्त: मौजूदा दुकानों पर नहीं पड़ेगा नए नियमों का असर
दूरी के पुराने मानक और वर्तमान स्थिति का विवरण:
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पहले क्या था नियम: पुराने आबकारी नियमों के तहत स्कूल और धार्मिक स्थलों से न्यूनतम दूरी की बाध्यता 1,000 फीट यानी लगभग 300 मीटर हुआ करती थी।
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मौजूदा 4000 दुकानों को राहत: राज्य भर में संवेदनशील क्षेत्रों के 1 किलोमीटर के दायरे में वर्तमान में 4,000 से अधिक शराब की दुकानें, ऑफ-शॉप और बार संचालित हो रहे हैं।
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पुरानी दुकानों पर प्रभाव नहीं: सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नया नियम केवल नए लाइसेंस जारी करने पर लागू होगा; पहले से संचालित दुकानों के संचालन पर इसका कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
🔓 बंद पड़ी दुकानों के फिर से खुलने के आसार: करीब 300 दुकानों को शर्तों के साथ अनुमति
कारोबारियों के लिए राहत और आबकारी अधिनियम की धारा 4P:
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धारा 4P का क्रियान्वयन: नई आबकारी नीति में बार के माध्यम से नई ऑफ-शॉप खोलने के लिए आबकारी अधिनियम की धारा 4P को भी लागू किया गया है, हालांकि उद्योग जगत के कुछ विशेषज्ञों ने मार्जिन को लेकर इस पर चिंता जताई है।
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बंद दुकानें खुलेंगी: सरकार ने कानूनी विवादों, लाइसेंस सरेंडर या अन्य तकनीकी कारणों से लंबे समय से बंद पड़ी शराब की दुकानों को तय शर्तों के साथ पुनः शुरू करने की अनुमति दे दी है।
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वर्तमान आंकड़े: वर्तमान में राज्य में करीब 300 शराब की दुकानें बंद पड़ी हैं, जिन्हें फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है, जबकि प्रदेश में वर्तमान में कुल चालू दुकानों की संख्या लगभग 6,500 है।
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