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Nal-Jal Yojana Sheopur: बुनियादी सुविधाओं से वंचित ग्रामीण, कुएं से पानी लाने को मजबूर बुढ़ेरा गांव के लोग

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से ग्रामीण विकास और जल जीवन मिशन के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 195 किलोमीटर दूर स्थित बुढ़ेरा गाँव में नल-जल योजना की जमीनी हकीकत स्थानीय लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है। ग्रामीणों का दर्द है कि पिछले तीन महीनों से गाँव के नलों में एक बूँद पानी तक नहीं आया है, जिसके कारण महिलाओं को घर का चूल्हा-चौका छोड़कर मीलों दूर कुओं का रुख करना पड़ रहा है और रोज सिर पर पानी ढोकर घर लौटना पड़ रहा है।

⚡ ट्रांसफार्मर फुंकने और प्रशासनिक लापरवाही से बढ़ी मुसीबत: सचिव पर नहीं फोन उठाने के आरोप

एक तरफ सरकार हर घर नल से जल पहुँचाने के दावे करती है, वहीं श्योपुर के बुढ़ेरा गाँव की स्थिति इन कागजी दावों को पूरी तरह झुठला रही है। स्थानीय महिला सरपंच शकुंतला धाकड़ के पति नरेश यादव ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से लिखित शिकायत की जा चुकी है। गाँव में बिजली का ट्रांसफार्मर फुंका होने के कारण पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार सचिव और अधिकारी ग्रामीणों के फोन तक नहीं उठाते हैं। बादामी बाई, रामवती, सुनीता और रामअवतार आदिवासी जैसे स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पानी का अन्य कोई साधन न होने के कारण उन्हें भीषण गर्मी और परेशानियों के बीच रोज संघर्ष करना पड़ रहा है।

🚰 मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण: कागजी दावों और जमीनी सच्चाई के बीच पिस रहे लोग

सरकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाना और घर-घर तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण बुढ़ेरा गाँव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो उन्हें मजबूरन बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और कब तक ग्रामीणों को इस जल संकट से राहत मिल पाती है।

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