Jagdalpur Flood Crisis: खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़ने से मची तबाही, विशेष राहत पैकेज और दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन की मांग
छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर और भयावह हो गई है। विशेष रूप से जगदलपुर और इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में ओडिशा स्थित खातीगुड़ा बांध (इंद्रावती जलाशय) से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद हालात विकराल हो गए हैं। अग्रिम चेतावनी और बेहतर अंतर-राज्यीय समन्वय के अभाव में इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया, जिससे सैकड़ों गांव और शहर के कई वार्ड जलमग्न हो गए हैं। इस आपदा से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
✍️ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र: बस्तर के लिए दीर्घकालिक और वैज्ञानिक बाढ़ प्रबंधन की मांग
बाढ़ की इस गंभीर स्थिति, अंतर-राज्यीय जल विनियमन की कमियों और जोरा नाला से जुड़ी भौगोलिक एवं जल प्रबंधन संबंधी समस्याओं को देखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण देव ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सी.आर. पाटिल को एक विस्तृत पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने बाढ़ प्रभावितों के लिए तत्काल विशेष राहत पैकेज जारी करने के साथ-साथ भविष्य में बस्तर को ऐसी आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए दीर्घकालिक और वैज्ञानिक बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की पुरजोर मांग की है।
🌾 नुकसान की भरपाई के लिए विशेष आर्थिक मुआवजे की मांग: फसल क्षति, क्षतिग्रस्त मकानों और मवेशियों के लिए सहायता का प्रस्ताव
किरण देव ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। इसके तहत तबाह हुई खरीफ फसलों के लिए प्रति एकड़ के हिसाब से विशेष राहत राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकान, तथा मवेशियों के बहने और छोटे व्यापारियों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए मुआवजा देने की बात कही गई है। इसके अलावा, जोरा नाला पर आधुनिक द्वारयुक्त नियंत्रण संरचना बनाने, इंद्रावती नदी के तल की गाद सफाई कराने और 24 से 48 घंटे पहले चेतावनी देने वाली स्वचालित पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) स्थापित करने की भी मांग की गई है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.