Kabirdham Baiga Children Death: कवर्धा में बैगा बच्चों की मौत के बाद प्रशासन सख्त, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने स्वास्थ्य शिविर का किया निरीक्षण
कवर्धा: कबीरधाम जिले में बैगा बच्चों की लगातार हुई मौत के बाद अब जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य और पोषण को लेकर अपनी गंभीरता पूरी तरह दिखा दी है. कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने बोड़ला विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुमान में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण और सर्वे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की. कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गांव के प्रत्येक बच्चे की स्वास्थ्य जांच पूरी तरह सुनिश्चित की जाए, और यदि किसी भी बच्चे में कमजोरी या कुपोषण के शुरुआती लक्षण पाए जाते हैं, तो उसका तत्काल प्रभाव से उचित इलाज शुरू किया जाए.
📋 दबारा डोर-टू-डोर सर्वे कराने के निर्देश, NRC में भर्ती कराने की पुख्ता व्यवस्था करने के आदेश
हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम कुमान के सभी घरों का डोर-टू-डोर सर्वे पहले ही किया जा चुका है, इसके बावजूद कलेक्टर ने सुरक्षा की दृष्टि से दोबारा सर्वे करवाने के सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को घर-घर जाकर बच्चों की शारीरिक स्थिति, उनके वजन और पोषण स्तर की नए सिरे से जांच करने को कहा है. विशेष रूप से कम वजन वाले और शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच कराने पर जोर दिया गया है. कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को यह भी निर्देशित किया कि जरूरत के हिसाब से कमजोर और कुपोषित बच्चों को तुरंत पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों को समय पर सही उपचार, पौष्टिक आहार और सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सर्वे के दौरान कोई भी घर या बच्चा छूटना नहीं चाहिए, क्योंकि 5 महीने के भीतर इस बैगा बहुल नंदनी कुमान गांव में 5 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसे लेकर कांग्रेस ने भी कुपोषण के मुद्दे पर सरकार को घेरा है.
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