Manipur Violence News: इंफाल में सीएम आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने रखा शव, भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को छोड़ने पड़े आंसू गैस के गोले
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के इंफाल स्थित बंगले के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी उस समय पूरी तरह हैरान रह गए, जब सोमवार को कुछ उग्र प्रदर्शनकारी एक शव को लेकर सीधे मुख्य द्वार के बाहर आ पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को मजबूरन आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तनावपूर्ण घटना सोमवार सुबह कुकी उग्रवादियों द्वारा कथित तौर पर दो मेतेई लोगों की हत्या किए जाने के बाद सामने आई, जब वे जंगल में जलाने की लकड़ी इकट्ठा करने गए थे. इन ताजा हत्याओं से गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और इंफाल में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर शव रखकर अपना रोष व्यक्त किया.
🪵 जंगल में लकड़ी इकट्ठा कर रहे लोगों पर उग्रवादियों की गोलीबारी, दो की मौत और तीन लापता
विभिन्न अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर जब कुछ ग्रामीण जलाने की लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे, तभी घात लगाए उग्रवादियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इस क्रूर हमले में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान अरुबाम रोनिल (35) और लैरेनलाकपम इनाओबी (51) के रूप में हुई है. इंफाल पूर्व के नोंगशुम गांव से कुछ ही मीटर दूर कांगपोकपी के खोंगबल सुनुरोक उयोक में घटी इस भीषण घटना में तीन अन्य लोग लापता भी बताए जा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, कुल 16 लोगों का एक समूह सुबह करीब 7 बजे अपने गांव के पास स्थित पहाड़ियों पर लकड़ी लेने गया था, तभी उन पर यह कायराना हमला हुआ. हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि जब सीएम आवास के बाहर यह विरोध प्रदर्शन चल रहा था, तब मुख्यमंत्री अपने आवास पर मौजूद थे या नहीं. उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद शवों को तुरंत जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) पहुंचाया गया.
⚔️ कुकी और नागा समुदायों के बीच भी हुई खूनी झड़प, गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत
राज्य में फैली अशांति के बीच शनिवार को मणिपुर के कामजोंग जिले के कुकी बहुल गांव चसाद में कुकी और नागा समुदायों के हथियारबंद समूहों के बीच भी आमने-सामने की भीषण गोलीबारी की खबर आई, जिसमें एक 36 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस हिंसक झड़प में गांव के मुखिया थंगजाहो हाओकिप (48) समेत खैलुन हाओकिप (57), सेखोहो हाओकिप (36), हेगिन हाओकिप (48) और सेपाओ हाओकिप (55) गंभीर रूप से घायल हो गए थे. मौके पर पहुंचे असम राइफल्स के जवानों ने सभी घायलों की जान बचाई और उन्हें चसद स्थित पैरामिलिट्री फोर्स के अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ इलाज के दौरान सेखोहो ने दम तोड़ दिया. लगातार भड़क रही इन हिंसक घटनाओं के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है.
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