New Delhi: शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह भारत से लेकर चीन तक भूकंप के झटकों ने लोगों को खौफ में डाल दिया। महज 3 घंटे और 22 मिनट के भीतर चार देशों—भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन (तिब्बत) की धरती कांपी। रिक्टर स्केल पर इन झटकों की तीव्रता 2.7 से 4.9 के बीच मापी गई है। सिलसिले की शुरुआत हिमाचल प्रदेश से हुई, जिसके बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी झटके लगे। सबसे ज्यादा चिंता तिब्बत को लेकर है, क्योंकि यहां एक दिन पहले ही 7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने 16 लोगों की जान ले ली थी।
शिमला में तड़के महसूस किए गए झटके
भारत में शुक्रवार तड़के 2:43 बजे हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता 2.7 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे था। हल्की तीव्रता का होने के कारण फिलहाल भारत में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
पाकिस्तान में रहा सबसे तेज भूकंप
भारत के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी सुबह 4:56 बजे भूकंप के तेज झटके लगे। यहां भूकंप की तीव्रता 4.9 दर्ज की गई, जो इन चारों देशों में आए झटकों में सबसे अधिक थी। इस भूकंप का केंद्र धरती से लगभग 15 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
अफगानिस्तान की धरती भी कांपी
पाकिस्तान के बाद अफगानिस्तान में भी धरती में कंपन महसूस किया गया। यहां सुबह 5:54 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 25 किलोमीटर नीचे था।
तिब्बत में बड़े भूकंप के बाद फिर आफ्टरशॉक
सुबह करीब 6:05 बजे चीन के तिब्बत क्षेत्र में 4.4 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। दरअसल, यह गुरुवार शाम को आए 7 तीव्रता वाले भयानक भूकंप का ही आफ्टरशॉक था। गुरुवार को आए उस प्रलयकारी भूकंप के कारण इलाके में भारी तबाही मची थी और 16 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
क्या होते हैं आफ्टरशॉक?
जब किसी इलाके में कोई बड़ा भूकंप आता है, तो उसके बाद भी जमीन के भीतर टेक्टोनिक प्लेट्स और चट्टानों में हलचल जारी रहती है। इस बची हुई ऊर्जा के बाहर निकलने के कारण जो बाद में झटके महसूस होते हैं, उन्हें आफ्टरशॉक कहा जाता है। ये झटके मुख्य भूकंप के कई घंटों, दिनों या हफ्तों बाद तक आ सकते हैं।
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