Yogi Cabinet Meeting Decisions: यूपी के 10 लाख शिक्षक-कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट की बैठक में कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा आज एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया है, जिसमें राज्य के विकास और कल्याण से जुड़े 16 से अधिक अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य के 10 लाख शिक्षक और कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज
इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव प्रदेश के लगभग 10 लाख शिक्षक और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से जुड़ा है। इस योजना के दायरे में कर्मचारियों के परिवारों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे कुल मिलाकर करीब 50 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। इस प्रस्ताव के तहत सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों तथा समग्र शिक्षा परियोजना के पात्र कर्मियों को लाभान्वित करने की पूरी तैयारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पीपीपी मॉडल और अस्पतालों का उन्नयन
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 200 या उससे अधिक बेड वाले चार अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव भी इस बैठक में रखा जा रहा है। इसके साथ ही, प्रयागराज स्थित प्रसिद्ध स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की क्षमता का विस्तार करते हुए वहां बेड की संख्या 1,250 से बढ़ाकर 3,000 किए जाने की योजना है, जिससे मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलने में आसानी होगी।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का विस्तार और आईआईटी कानपुर में साइबर सुरक्षा केंद्र
राज्य में सड़क संपर्क और कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व गति देने के लिए कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल किए गए हैं। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली परियोजना और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेजों के लिए विकासकर्ताओं के चयन का अहम निर्णय लिया जाना है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर में ‘यूपी साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर’ (UP-COCS) की स्थापना को भी मंजूरी दी जा सकती है।
मुफ्त जमीन का आवंटन और आवास निर्माण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक के दौरान मैनपुरी में सैनिक स्कूल के निर्माण कार्य के लिए नौनेर ग्राम सभा की 9.524 हेक्टेयर भूमि मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंजूर किया जा सकता है। साथ ही, झांसी और ललितपुर में आधुनिक भंडारगृहों के निर्माण हेतु राज्य भंडारण निगम को मुफ्त जमीन दिए जाने पर भी विचार होगा। इसके अलावा, प्रयागराज के देवघाट-झलवा क्षेत्र में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 नए आवासों के निर्माण का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया जा सकता है।
फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) और अन्य कानूनी संशोधन
प्रदेश में विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए एफडीआई (FDI) प्रोत्साहन और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को सब्सिडी देने संबंधी प्रस्ताव पर भी मुहर लगने के आसार हैं। इसके अलावा, शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 में संशोधन, पंचायतीराज सामान्य निवास नियमावली-2026, राज्य पशुधन मिशन, स्टांप अधिनियम-1899 में संशोधन तथा अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 जैसे कई अन्य नीतिगत मामलों पर भी अंतिम निर्णय लिए जाने की पूरी संभावना है।
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