Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Jabalpur High Court News: बिस्तर पर लेटे-लेटे और सिर्फ अंडरवियर में वीडियो कॉलिंग पर पेश हुआ अफसर, ह... Dhamtari Farmer Honored: खेती में नवाचार के लिए धमतरी के किसान अरुण सार्वा को मिला 'उत्कृष्ट कृषक रत... Chhattisgarh State Foundation Day 2026: 1 नवंबर से शुरू होगा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव, केंद्रीय गृहमंत्र... Chhattisgarh News: कवर्धा में बैगा बच्चों की मौत पर गरमाई सियासत, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार को घे... Sukma Naxal Dump Recovered: सुकमा के जंगलों में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, टिफिन आईईडी, डेटो... Cyclone Arnab Impact in Kanker: कांकेर में चक्रवात 'अर्नब' का कहर, झमाझम बारिश से सभी स्कूल-आंगनबाड़... Kanker Professor Arrested: प्रैक्टिकल में कम नंबर देने की धमकी और टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो भेजने व... छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करवा चौथ की तैयारियां तेज, 29 अक्टूबर को रखा जाएगा सुहागिनों का यह प... Dantewada News: बस्तर दशहरा से वापस लौटी मां दंतेश्वरी की छत्र-डोली, गॉड ऑफ ऑनर के साथ शहर में हुआ भ... Chhattisgarh Paddy Procurement 2026: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों के लिए ख...

हजारीबाग में झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति की उच्च-स्तरीय बैठक, वित्तीय प्रबंधन और लेखा मामलों की हुई गहन समीक्षा

हजारीबाग: झारखंड राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है, जहां झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) ने बुधवार को हजारीबाग जिले का आधिकारिक दौरा किया। स्थानीय परिसदन (सर्किट हाउस) भवन में आयोजित इस उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता बरही के विधायक सह समिति के सम्मानित अध्यक्ष मनोज कुमार यादव द्वारा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जिले के विभिन्न प्रशासनिक विभागों के वित्तीय प्रबंधन, बजट आवंटन और लेखा संबंधी सभी मामलों की बहुत गहराई से समीक्षा की गई। बैठक में समिति के अन्य विशिष्ट सदस्यों के रूप में मनोहरपुर के विधायक जगत मांझी और बरकट्ठा के विधायक अमित कुमार यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विभागीय आय-व्यय और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की ली गई विस्तृत जानकारी

इस समीक्षा बैठक के दौरान समिति ने जिले के तमाम वरिष्ठ और जिम्मेदार प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठकर एक-एक विभाग के वित्तीय कामकाज की जानकारी जुटाई। इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य रूप से विभागों के कुल आय-व्यय, सरकारी धन के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता बरतने, लेखा परीक्षण (ऑडिट), वित्तीय दस्तावेजों के मूल्यांकन, किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई, प्रपत्र-क के गठन, बकाए राशि की वसूली, विभागीय जांच, सर्टिफिकेट मामलों तथा नीलामी से जुड़ी तमाम फाइलों की सिलसिलेवार समीक्षा की गई। समिति के माननीय पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों से इन सभी मामलों पर अब तक की गई कार्रवाई की अद्यतन रिपोर्ट और जरूरी जानकारियां तलब कीं।

लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन करने के दिए गए निर्देश

बैठक के अंत में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों से जुड़े लेखा संबंधी कंडिकाओं की समय-समय पर नियमित समीक्षा करें और वर्षों से लंबित पड़े मामलों के निष्पादन में तेजी लाएं। इसके साथ ही, वित्तीय गड़बड़ियों या अनियमितताओं से जुड़े मामलों में बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समिति ने सरकारी खजाने से खर्च होने वाले धन के उपयोग में पूरी तरह से पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया ताकि वित्तीय अनुशासन का प्रभावी ढंग से अनुपालन हो सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.