Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Punjab Politics: अकाली दल को बड़ा झटका, पूर्व विधायक श्याम लाल माजरिया ने थामा बीजेपी का दामन Mansa News: परविंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह के परिवारों को मिली 'X' कैटेगरी की सुरक्षा, मानसा पहुंच... Rahul Gandhi Punjab Visit: राहुल गांधी के 4 नवंबर के संगरूर दौरे से पहले गरमाई सियासत, 1984 सिख दंगा... Pathankot Cyber Crime: बेटे को रेप केस में फंसाने की धमकी देकर महिला से 5 लाख की ठगी, व्हाट्सएप कॉल ... Jalalabad Fraud News: फर्जी चेक से 5 करोड़ 21 लाख रुपये की ठगी की कोशिश, थाना सिटी पुलिस ने आरोपी के... Jalandhar Gold and Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट, जानें जालंधर सराफ... Shiromani Akali Dal Sangrur: व्यापारी मिलन समारोह में सुखबीर बादल ने दिए संकेत, कहा- सरकार बनने पर अ... Chandigarh and Punjab Forecast: 30 और 31 अक्टूबर को इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ बरसेंगे बादल, मौस... Punjab Roadways News: पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों के सर्विस रूल पर कैबिनेट बैठक में होगा फैसला, 31 ... Jalandhar Bomb Threat News: जालंधर के दो स्कूलों और रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते...

Hazaribagh News: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर भड़के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, संवेदकों को दी कड़ी चेतावनी; 3 महीने का अल्टीमेटम

हजारीबाग: झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को हजारीबाग जिले में पहुंचकर विभिन्न पेयजलापूर्ति योजनाओं और ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में हजारीबाग के साथ-साथ रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिलों के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तमाम प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मंत्री ने एक-एक करके सभी बिंदुओं पर चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को सख्त एवं स्पष्ट निर्देश जारी किए।

जिलावार प्रगति रिपोर्ट में सामने आई संवेदकों की लापरवाही, ब्लैकलिस्ट करने की दी चेतावनी

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने सभी जिलों से योजनाओं की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट मांगी और धरातलीय स्थिति की जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान में लाया कि कई संवेदकों (ठेकेदारों) की घोर लापरवाही के चलते यह जनहित की योजनाएं समय पर जमीन पर नहीं उतर पा रही हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री ने संवेदकों और संबंधित इंजीनियरों को आमने-सामने बैठाकर दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि वे आगामी तीन महीने के भीतर हर हाल में कार्य पूरा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि समयासीमा में काम पूरा न करने वाले ऐसे लापरवाह संवेदकों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और नियमानुसार उनसे सरकारी राशि की रिकवरी भी की जाएगी।

मीडिया से बातचीत में बोले मंत्री, कहा- ‘केंद्र से आंशिक राशि मिलने के बावजूद राज्य अपने संसाधनों से पूरा कर रहा है काम’

बैठक के पश्चात मीडिया से मुखातिब होते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा में ठेकेदारों की सुस्ती के कारण जल जीवन मिशन का कार्य प्रभावित हुआ है, जिन्हें अब 90 दिनों की मोहलत दी गई है। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल आंशिक रूप से ही केंद्रांश प्राप्त हुआ है, ऐसे में राज्य सरकार अपने स्वयं के बजट और फंड से इस योजना को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपील की कि जिन क्षेत्रों में लोग आज भी चुआं खोदकर पीने का पानी विवशतावश पी रहे हैं या जहां जलापूर्ति नहीं पहुंची है, वहां की जानकारी तुरंत दी जाए, ताकि प्राथमिकता के आधार पर उन इलाकों में पानी पहुंचाया जा सके।

बड़कागांव में एनटीपीसी की चार योजनाएं बंद होने पर सख्त निर्देश, रिकवरी प्रक्रिया शुरू करने को कहा

हजारीबाग के दौरे पर पहुंचे मंत्री ने एक बड़ा बयान देते हुए खुलासा किया कि बड़कागांव क्षेत्र में एनटीपीसी द्वारा संचालित की जा रही चार ऐसी योजनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है, जिनका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा हो चुका था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संबंधित एजेंसियों से राशि रिकवर करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। योजनाओं के विलंब होने के कारणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार वन विभाग की एनओसी (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) या जमीन से जुड़ी अड़चनों के कारण समस्याएं आती हैं। वर्तमान में पूरे राज्यभर में लगभग 96 हजार छोटी-बड़ी पेयजलापूर्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य और धरातल पर आ रही बाधाएं

गौरतलब है कि ‘जल जीवन मिशन’ भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना है, जिसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण भारत के प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से शुद्ध और पर्याप्त मात्रा में पेयजल पहुंचाना है। हालांकि, झारखंड के कई जिलों में संवेदकों की उदासीनता और प्रशासनिक सुस्ती के कारण इस योजना का अपेक्षित लाभ आम जनता तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है, जिसे दुरुस्त करने के लिए अब सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.