Punjab Roadways News: पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों के सर्विस रूल पर कैबिनेट बैठक में होगा फैसला, 31 अक्टूबर को टिकी निगाहें
चंडीगढ़: पंजाब राज्य में परिवहन विभाग के अंतर्गत आने वाले पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों से जुड़े मसलों को लेकर एक अहम अपडेट सामने आई है। राज्य के परिवहन मंत्री ने कर्मचारी यूनियनों को भरोसा दिलाया है कि आगामी 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक के दौरान कर्मचारियों के सर्विस रूल से जुड़े प्रस्ताव को पारित करवाकर लागू करने की पूरी कोशिश की जाएगी। इस बैठक के दौरान कर्मचारियों को नियमित (रेगुलर) मुलाजिमों की भांति मिलने वाले तमाम लाभ प्रदान किए जाने वाले बिंदुओं पर भी गहराई से विचार-विमर्श किया गया है।
सिविल सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक, कई मुद्दों पर बनी सहमति लेकिन लिखित नोटिफिकेशन का इंतजार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही विभिन्न मांगों के समाधान हेतु सिविल सचिवालय के भीतर वित्त मंत्री, परिवहन मंत्री और अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आपसी सहमति भी बनी है। हालांकि, दूसरी ओर कर्मचारी संगठन ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा है कि जब तक मांगों को अमलीजामा पहनाने से संबंधित कोई आधिकारिक लिखित नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक केवल मौखिक आश्वासनों पर आँख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता। यूनियन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि तय समय तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आगामी 1 नवंबर को लुधियाना में एक विशेष बैठक बुलाकर अपने अगले आंदोलन और संघर्ष की रूपरेखा की घोषणा करेंगे।
यूनियन नेताओं ने रखी अपनी मांगें, आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर रखने और सर्विस रूल पर चर्चा
पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब 25/11 के प्रमुख नेता रेशम सिंह गिल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बैठक के दौरान आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों को वर्ष 2026 के नए एक्ट के प्रावधानों के तहत सीधे तौर पर कॉन्ट्रैक्ट पर रखने के विषय पर बेहद गंभीर चर्चा की गई। रेशम सिंह गिल का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों के संबंध में स्थिति कल दोपहर तक पूरी तरह से साफ हो जाने की उम्मीद है। वहीं, यूनियन के दूसरे वरिष्ठ नेता हरकेश कुमार विक्की ने बताया कि ऑफर लेटर से जुड़े मामले पर फिलहाल कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। उन्होंने सरकार के समक्ष पुरजोर मांग रखी है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नए एक्ट के दायरे में लाकर सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर ज्वाइन कराने की प्रक्रिया अविलंब शुरू की जानी चाहिए। इसके साथ ही, यूनियन ने पनबस के सभी अनुबंध कर्मचारियों को सर्विस रूल के अंतर्गत नियमित किए जाने की मांग भी दोहराई है। नेताओं के मुताबिक, इस सिलसिले में सर्विस रूल का ड्राफ्ट पहले ही तैयार किया जा चुका है और इसे वित्त विभाग तथा पर्सनल डिपार्टमेंट से आवश्यक मंजूरी भी मिल चुकी है।
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