Bhopal News: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर गरमाई सियासत, कांग्रेस प्रदेश भर में करेगी पुतला दहन
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को राज्य से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा सामने आई। इस निर्णय के विरोध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य स्तर पर व्यापक प्रदर्शन करने की रूपरेखा तैयार कर ली है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हरदीप पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने के औचित्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाते हुए कहा कि “एपस्टीन फाइल्स प्रकरण में हरदीप पुरी का नाम सामने आने के बावजूद उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाना प्रदेश की जनता का अपमान है। आखिर इस गंभीर विषय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?” इसी के विरोधस्वरूप कांग्रेस द्वारा हरदीप पुरी, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाकर पूरे मध्य प्रदेश में रोध जताया जाएगा।
जीतू पटवारी ने बीजेपी से पूछा सवाल, कहा- क्या मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नेताओं की कमी है जो बाहर से उम्मीदवार थोपा जा रहा है?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर मध्य प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा भेजे जाने के पीछे पार्टी की ऐसी क्या मजबूरी रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या प्रदेश की बीजेपी इकाई में अनुभवी और योग्य सीनियर नेताओं की कोई कमी पड़ गई है, जिसके चलते हरदीप पुरी को अन्य राज्य से लाकर यहां थोपा जा रहा है। भाजपा को इस बात का स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि आखिर क्या ऐसी वजह थी जिसके कारण एक आदिवासी नेता से इस्तीफा दिलवाकर उनकी खाली हुई सीट पर हरदीप पुरी को भेजना पड़ा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि आखिर इस चयन से मध्य प्रदेश की जनता को क्या प्रत्यक्ष लाभ मिलने वाला है।
एपस्टीन फाइल प्रकरण में नाम आने और बयानों को लेकर साधा निशाना, मुख्यमंत्री के मौन पर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने आगे कहा कि एपस्टीन फाइल प्रकरण में हरदीप पुरी का नाम खुलकर सामने आया है, जबकि उन्होंने अपने शुरुआती बयानों में यह कहकर झूठ बोला था कि वे कभी एपस्टीन से नहीं मिले थे। हालांकि, बाद में सार्वजनिक हुए सबूतों और तस्वीरों से यह साफ हो गया कि वे एपस्टीन से कई बार मिल चुके थे। ऐसे संदिग्ध दांव वाले व्यक्ति को राज्यसभा के लिए चयनित करना मध्य प्रदेश के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इस अपमानजनक स्थिति पर सीएम का पूरी तरह मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधानसभा में विधायकों का संख्या बल अधिक होने का यह अर्थ कदापि नहीं निकाला जाना चाहिए कि राज्य के सम्मान और गरिमा के साथ खिलवाड़ किया जाए।
हरदीप पुरी से मांगा गया स्पष्टीकरण, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का दिया हवाला
कांग्रेस अध्यक्ष ने हरदीप पुरी से भी सीधे तौर पर जवाब तलब करते हुए कहा कि उन्हें एपस्टीन के साथ अपनी मुलाकातों को लेकर जनता के सामने सच रखना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने शुरुआती दौर में भ्रामक बयान क्यों दिए थे। बाद में सामने आई तस्वीरों में पुरी को एपस्टीन के साथ अकेले देखा जा चुका है। मध्य प्रदेश की धरती पर कदम रखने से पहले उन्हें प्रदेशवासियों को इस बात का जवाब देना चाहिए। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के हालिया नागपुर भाषण का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने चरित्रवान लोगों द्वारा ही अच्छे समाज के निर्माण की बात कही थी। जीतू पटवारी ने सवाल किया कि क्या ऐसे लोग चरित्रवान की श्रेणी में आते हैं जिनके संबंध बच्चों के यौन शोषण जैसे गंभीर मामलों के आरोपियों के साथ रहे हों।
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