Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
स्व. हरगोविंद अग्रवाल को नमन करते हुए प्रेस क्लब ने आयोजित की श्रद्धांजलि सभा मीडिया कर्मियों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुरक्षा *योजना के प्रारूप पर आज से सुझाव आमंत्रि... National Unity Day 2026: सरदार पटेल जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान, वैश्विक ऊर्जा संकट और द... Alwar News: राजस्थान के अलवर में उपसरपंच चुनाव के दौरान भारी बवाल, ग्रामीणों के पथराव में डीएसपी देश... Noida Police Encounter: नोएडा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, 50 हजार का इनामी बदमाश अमन उर्फ म... Bihar MLC Election Results: बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद बीजेपी को मिली बड़ी मजबूती, दो निर्दलीय ए... Sultanpur School Lift Collapse: सुल्तानपुर के जीडी गोयनका स्कूल में टूटी लिफ्ट, जनगणना ट्रेनिंग ले र... Rahul Gandhi on CEC Gyanesh Kumar: 'इंडिया' गठबंधन के जन महाभियोग कार्यक्रम में राहुल गांधी का बड़ा ... Filmmaker Sanjay Gupta Passes Away: 'काबिल' और 'शूटआउट एट वडाला' फेम निर्देशक का अचानक हुआ निधन, वर्... जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया के माध्यम से पत्रकार निधि राजदान के साथ अपन...

Bastar Cyclone Damage Report: बस्तर में ‘अर्नब’ चक्रवाती तूफान का कहर, दो दिनों की भारी बारिश और तेज हवाओं से 53 मकान क्षतिग्रस्त

बस्तर: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल अंचल बस्तर में ‘अर्नब’ चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाते हुए बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। सितंबर माह के दौरान आए पहले चरण के तूफान से पहले ही काफी क्षति हुई थी, और अब अक्टूबर महीने के अंत में आए इस दूसरे चरण के चक्रवाती तूफान ने बस्तर की मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी हैं। हालांकि अब इस चक्रवाती तूफान का गंभीर खतरा पूरी तरह टल चुका है और धीरे-धीरे मौसम साफ होने के साथ जनजीवन सामान्य पटरी पर लौटने लगा है, परंतु इस आपदा ने कई इलाकों में लोगों के सिर से छत छीन ली है तो कहीं अन्नदाताओं की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।

28 और 29 अक्टूबर को दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने मचाई तबाही, उजड़ गए लोगों के आशियाने

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्तर में गत 28 और 29 अक्टूबर को लगातार दो दिनों तक ‘अर्नब’ तूफान के प्रभाव के कारण मूसलाधार बारिश और भारी आंधी-तूफान का दौर चलता रहा। इस चक्रवात के दौरान चली बेहद तेज और खतरनाक हवाओं ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। कई स्थानों पर विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिर पड़े, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक बस्तर जिले के पाँच ब्लॉकों में 53 मकान क्षतिग्रस्त, 20 घर पूरी तरह तबाह

बस्तर के अपर कलेक्टर दिलेराम दहिरे की ओर से साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान की चपेट में आने से बस्तर जिले के विभिन्न पांच ब्लॉकों में कुल 53 मकानों को नुकसान पहुँचा है। इनमें से लगभग 20 मकान ऐसे हैं जो पूरी तरह से जमींदोज और तबाह हो गए हैं, जबकि शेष 33 मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुँची है, जिससे प्रभावित परिवार संकट में आ गए हैं।

बकावंड तहसील क्षेत्र में किसानों की 10 हेक्टेयर फसल बर्बाद, प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का सर्वे

तूफान और बेमौसम बारिश के कारण केवल आवासों को ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बकावंड तहसील क्षेत्र के अंतर्गत लगभग चार किसानों की करीब 10 हेक्टेयर में लहलहाती फसल पूरी तरह बर्बाद होने की दुखद सूचना सामने आई है। इसके अलावा लोहंडीगुड़ा, तोकापाल, बस्तर, बास्तानार और दरभा ब्लॉक में हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई हैं। प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत प्रभावित परिवारों और किसानों को हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है, ताकि शासन के नियमानुसार सभी पीड़ित पक्षों को उचित राहत राशि व सहायता पहुंचाई जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.