करनाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पदयात्रा, राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पर किया जोरदार पलटवार
करनाल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के देशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत बृहस्पतिवार को हरियाणा के करनाल जिले में एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण पदयात्रा का नेतृत्व देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, वरिष्ठ भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी सहित पार्टी के कई अन्य दिग्गज नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। करनाल की सड़कों पर निकली इस पदयात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और विपक्ष की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार संदेश दिया।
राहुल गांधी की पीएम मोदी को दी गई डिबेट की चुनौती पर अमित शाह का तीखा पलटवार, कहा— ‘मोदी जी की जरूरत नहीं, मेरा युवा मोर्चा का अध्यक्ष ही काफी है’
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई सार्वजनिक डिबेट की चुनौती पर कड़ा रुख अपनाया। दरअसल, राहुल गांधी ने कुछ समय पहले कहा था कि प्रधानमंत्री कहीं भी आकर उनसे डिबेट कर लें, लेकिन वे सामने आकर बैठ नहीं सकते और वे गारंटी देते हैं कि मात्र 5 मिनट में उन्हें कठघरे में खड़ा कर देंगे। इस बयान का करारा जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि ‘राहुल जी, यदि आपको सड़क पर चर्चा करने का इतना ही शौक है, तो इसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोड़िए, आप हरियाणा के किसी भी चौराहे का स्थान और समय तय कर लीजिए, मेरा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का जिला अध्यक्ष ही आपसे आकर खुली चर्चा करने के लिए तैयार है।’
देश के 600 जिलों में चल रहे अभियान ने दिया राहुल गांधी को करारा जवाब, केंद्रीय गृह मंत्री ने संविधान और संस्थाओं के अपमान का लगाया गंभीर आरोप
अमित शाह ने आगे हमला बोलते हुए कहा कि देश भर के 600 से अधिक जिलों में चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैलियों के माध्यम से जनता ने राहुल गांधी को माकूल और करारा जवाब दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार देश की संसद, लोकसभा स्पीकर के पद और देश की सर्वोच्च न्यायपालिका का अपमान करते आए हैं। देश का लोकतंत्र उनके किसी भी बहकावे या झांसे में आने वाला नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल बाबा आज पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं, और अपनी चुनावी हार का ठीकरा हमेशा चुनाव आयोग तथा संवैधानिक संस्थाओं के सिर पर फोड़ते रहते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे खुद कभी भी संविधान का वास्तविक सम्मान नहीं करते हैं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.