रणबीर-यश की ‘रामायण’ में रावण के एक सिंहासन को बनाने में खर्च हुए 1 करोड़ रुपये, जानिए दिलचस्प बातें
मुंबई: भारतीय सिनेमा इतिहास की अब तक की सबसे महंगी और भव्य फिल्मों में शुमार रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘रामायण’ आखिरकार बड़े पर्दे पर रिलीज कर दी गई है। रिलीज के साथ ही फिल्म की बंपर कमाई की उम्मीदें जताई जा रही हैं। स्टारकास्ट के चयन से लेकर संगीत, वीएफएक्स और सेट डिजाइनिंग तक, फिल्म के मेकर्स ने इसके हर एक पहलू पर बारीकी से काम किया है। फिल्म में दिखाए गए विभिन्न सेटों और शाही सिंहासनों को तैयार करने में पानी की तरह पैसा बहाया गया है। अब यह बात सामने आई है कि फिल्म में लंकेश यानी रावण के लिए जो विशेष सिंहासन दिखाया गया है, उसे बनाने में अकेले 1 करोड़ रुपये का खर्च आया है, जबकि शूर्पणखा के रथ के निर्माण में मेकर्स ने डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च की है।
जाने-माने आर्ट डायरेक्टर रमेश ने एक इंटरव्यू में साझा किए ‘रामायण’ के सेट से जुड़े कई अनसुने और हैरान करने वाले किस्से
इस मेगा प्रोजेक्ट में बतौर आर्ट डायरेक्टर अपनी सेवाएं देने वाले रमेश ने एक साक्षात्कार के दौरान फिल्म के सेट और निर्माण से जुड़े कई ऐसे राज खोले हैं, जिन्हें जानकर हर कोई दंग रह जाएगा। रमेश इससे पहले अपने करियर में लगभग 30 फिल्मों में आर्ट डायरेक्शन की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जिनमें ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ’83’, ‘टाइगर जिंदा है’ और ‘सुल्तान’ जैसी बड़ी और सफल फिल्में शामिल हैं। हालांकि, ‘रामायण’ जैसे विशालकाय और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना उनके लिए भी एक बेहद अनूठा अनुभव रहा है।
मिट्टी के क्ले मॉडल से लेकर 24 कैरेट गोल्ड लीफिंग तक— ऐसे तैयार हुआ था रावण का 1 करोड़ रुपये की लागत वाला शानदार सिंहासन
कलाकार रमेश के मुताबिक, फिल्म में रावण (यश) के बैठने वाले सिंहासन को तैयार करना किसी चुनौती से कम नहीं था। फिल्म में जिस भव्य सिंहासन को देखकर दर्शक हैरान हो रहे हैं, उसे पूरी तरह से आकार लेने में करीब चार महीने का लंबा समय लगा था। इस सिंहासन को बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत मिट्टी से एक क्ले मॉडल तैयार करने के साथ हुई थी। इसके बाद उस मॉडल का मोल्ड (सांचा) निकाला गया और फाइबर की मदद से सिंहासन को मूल रूप दिया गया। इस सिंहासन की सबसे बड़ी और खास बात यह थी कि इसमें सोने जैसी असली चमक लाने के लिए इस पर 24 कैरेट गोल्ड लीफिंग (सोने की परत) चढ़ाई गई थी, और यही वजह है कि इस एकमात्र सिंहासन को बनाने में लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत आई।
शूर्पणखा का रथ बनाने में लगे तीन महीने और खर्च हुए डेढ़ करोड़, मुंबई के फिल्म सिटी में खड़े किए गए थे 150 से अधिक सेट
आर्ट डायरेक्टर ने आगे बताया कि फिल्म में रावण की बहन शूर्पणखा (जिसका किरदार रकुल प्रीत सिंह ने निभाया है) के रथ को डिजाइन करने में भी काफी मेहनत करनी पड़ी थी। उस रथ को तैयार करने में करीब तीन महीने का वक्त लगा और उसकी कुल लागत 1.5 करोड़ रुपये आई थी। इसके अलावा, फिल्म में दिखाए गए विशालकाय जटायु पक्षी का जो स्केलेटन मॉडल तैयार किया गया था, उसकी ऊंचाई करीब 24 फीट थी। उन्होंने यह भी जानकारी साझा की कि मुंबई स्थित फिल्म सिटी के स्टूडियो में ‘रामायण’ फिल्म के लिए कुल 150 से अधिक भव्य और शानदार सेट तैयार किए गए थे, जो फिल्म के हर एक दृश्य को जीवंत बनाते हैं।
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