एक साथ क्यों भाग रहा है सोना और शेयर बाजार, ये हैं 5 बड़े कारण

शेयर बाजार के निवेशक और गोल्ड इंवेस्टर बीते कुछ दिनों से ज्यादा ही खुश नजर आ रहे हैं. दोनों असेट्स के घरेलू बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. वैसे ऐसा कम ही देखने को मिलता है. वैसे सोने ने देश के वायदा बाजार में निवेशकों को 8 अप्रैल के बाद से 17 अप्रैल बाजार बंद होने तक करीब 9 फीसदी का रिटर्न दिया है. खास बात तो ये हे कि वायदा बाजार में इस दौरान 7 दिन की ट्रेडिंग देखने को मिली है. वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार ने 9 अप्रैल के बाद से यानी बीते 4 कारोबारी दिनों में करीब 6 फीसदी की कमाई कराई है. ऐसे में दोनों ही असेट्स में निवेशकों के लिए पैसों की बारिश हुई है. अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर दोनों में एक साथ क्यों देखने को मिली? आइए इसे विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं?
शेयर बाजार ने निवेशकों की भरी झोली
पहले बात शेयर बाजार तें तेजी की कर लेते हैं. बीते चार कारोबारी दिनों सेंसेक्स ने निवेशकों को 6 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार 9 अप्रैल को शेयर बाजार जब बंद हुआ था, तो सेंसेक्स गिरावट के साथ 73,847.15 अंकों पर बंद हुआ था. जबकि 17 अप्रैल को सेंसेक्स 1500 से ज्यादा अंकों की तेजी देखने को मिली और 78,553.20 अंकों पर बंद हुआ. इसका मतलब है कि सेंसेक्स में कुल 4700 से ज्यादा यानी 6.37 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है. खास बात तो ये है कि इन चार कारोबारी दिनों में 11 अप्रैल को सेंसेक्स में 1300 से ज्यादा अंकों का इजाफा देखने को मिला. जबकि 15 अप्रैल को 1577 अंकों की तेजी देखने को मिली थी. 16 अप्रैल को सेंसेक्स 309 अंकों की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था.
सेंसेक्स में कितना इजाफा
तारीख | तेजी (अंकों में) | क्लोलिंग (अंकों में) |
17 अप्रैल | 1,508.91 | 78,553.20 |
16 अप्रैल | 309.4 | 77,044.29 |
15 अप्रैल | 1,577.63 | 76,734.89 |
11 अप्रैल | 1,310.11 | 75157.26 |
वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी निवेशकों के लिए काफी फायदे का सौदा रहा है. इस दौरान निफ्टी में भी 6 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है. एनएसई के आंकड़ों के अनुसार निफ्टी 9 अप्रैल को गिरावट के साथ 22,399.15 अंकों पर बंद हुआ. जबकि गुरुवार को एनएसई 414 अंकों की तंजी के साथ 23,851.65 अंकों पर क्लोज हो गया. इसका मतलब है कि निफ्टी में इन चार कारोबारी दिनों में 1,452.5 अंक यानी 6.48 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ है. वैसे 11 अप्रैल को निफ्टी में 429.4 अंक, 15 अप्रैल को 500 अंक और 16 अप्रैल को निफ्टी में 108.65 अंकों का इजाफा देखने को मिला था.
निफ्टी में कितना इजाफा
तारीख | तेजी (अंकों में) | क्लोलिंग (अंकों में) |
17 अप्रैल | 414.45 | 23,851.65 |
16 अप्रैल | 108.65 | 23,437.20 |
15 अप्रैल | 500 | 23,328.55 |
11 अप्रैल | 429.4 | 22,828.55 |
गोल्ड ने निवेशकों को कितना किया मालामाल
वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार के मुकाबले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के कारोबारी दिन ज्यादा है. उसके बाद भी शेयर बाजार के मुकाबले में गोल्ड ने भी काफी अच्छा रिटर्न दिया है. 8 अप्रैल के बाद गोल्ड की कीमतों में लगातार तेजी देखी गई है. सिर्फ दो दिनों को छोड़कर. 14 अप्रैल को गोल्ड करीब 500 रुपए की गिरावट के साथ बंद हुआ था. वहीं 17 अप्रैल को सोने के दाम लाइफ टाइम हाई पर पहुंचने के बाद भी 400 से ज्यादा रुपए की गिरावट के साथ बंद हुआ. एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार 8 अप्रैल को गोल्ड की कीमत 87,648 रुपए थी. जो 27 अप्रैल को बढ़कर 95,239 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गई. खास बात तो ये है इस दौरान गोल्ड की कीमतों में 9 फीसदी यानी 7,591 रुुपए प्रति दस ग्राम का इजाफा देखने को मिला है. वैसे 17 अप्रैल को गोल्ड के दाम 95,935 रुपए प्रति दस ग्राम के साथ लाइफ टाइम हाई पर भी गए थे.
गोल्ड में कितनी आई तेजी
तारीख | तेजी (रुपए में) | क्लोलिंग (रुपए में) |
17 अप्रैल | -422 | 95,239 |
16 अप्रैल | 2,210 | 95,661 |
15 अप्रैल | 199 | 93,451 |
14 अप्रैल | -493 | 93,252 |
11 अप्रैल | 1,712 | 93,745 |
10 अप्रैल | 2,229 | 92,033 |
09 अप्रैल | 2,156 | 89,804 |
शेयर बाजार और गोल्ड में एक साथ तेजी क्यों?
ट्रंप टैरिफ : अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत समेत दुनिया के 75 देशों पर से 9 जुलाई तक टैरिफ को हटा दिया है. जिसकी वजह से शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है. वहीं दूसरी ओर चीन पर टैरिफ में लगातार इजाफा कर टैरिफ वॉर की संभावनाओं को जिंदा रखते हुए निवेशकों के मन अनिश्चितता का भाव पैदा कर दिया है. जिसकी वजह से निवेशक गोल्ड जैसे सेफ हैवन की डिमांड भी कर रहे हैं. जिसकी वजह से गोल्ड की कीमतों में तेजी देखने को मिली.
डॉलर इंडेक्स में गिरावट : डॉलर इंडेक्स के गिरने का भारत को दोतरफा फायदा हुआ है. एक रुपए में तेजी आई है. जिसकी वजह से शेयर बाजार को सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. वहीं दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स में कमी आने के बाद गोल्ड की कीमतों में सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. जिसकी वजह से इंटरनेशनल मार्केट से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक तेजी देखने को मिल रही है.
इंडिया और ग्लोबल ग्रोथ : वैसे भारत में आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के अपने ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया है. साथ ही आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक भी ग्लोबल मंदी की ओर इशारा कर रहे हैं. उसके बाद भी दुनिया की सबसे तेज इकोनॉमी बना रहेगा. हाल ही में इंडियन इकोनॉमी का मैक्रो डाटा काफी बेहतर देखने को मिला है. जिसकी वजह से शेयर बाजार को सपोर्ट मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर ग्लोबल मंदी की आशंकाओं के बीच गोल्ड की कीमतों में सपोर्ट मिल रहा है, जिसका असर भारत के घरेलू सर्राफा बाजार में भी है.
पॉलिसी रेट कट : हाल ही में ईयू ने 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पॉलिसी रेट कट का दबाव बना रहे हैं. भारत ने हाल ही में लगातार दूसरी बार रेट कट किया है. जिसका असर शेयर बाजार के साथ-साथ गोल्ड की कीमतों पर भी साफ देखने को मिल रहा है. यही कारण है दोनों असेट्स क्लास में साथ-साथ तेजी देखने को मिल रही है.
मार्केट सेंटीमेंट्स : दोनों असेट्स क्लास के मार्केट सेंटीमेंट पॉजिटिव बने हुए हैं. जहां एक ओर जापान और चीन ने अमेरिका के साथ नेगोशिएट करने की बात कही है तो शेयर बाजार में तेजी का सेंटीमेंट बनता हुआ दिखाई दे रहा है. वहीं दूसरी ओर टैरिफ की वजह से नुकसान की भरपाई जल्द होने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं. मंदी की आशंका बनी हुई है. जिसकी वजह से गोल्ड में तेजी के सेंटीमेंट भी वैसे ही देखने को मिल रहे है.