ग्राम लखुर्री में श्री रामप्रकाश केशरवानी के खेत पर भूमि सुपोषण पूजन का आयोजन
देशव्यापी "भूमि सुपोषण एवं संरक्षण अनवरत जन अभियान" के अंतर्गत सराहनीय पहल

लखुर्री जिला जांजगीर चांपा में देशभर में चल रहे “भूमि सुपोषण एवं संरक्षण अनवरत जन अभियान” के अंतर्गत आज ग्राम लखुर्री में एक प्रेरणादायी आयोजन सम्पन्न हुआ। श्री रामप्रकाश केशरवानी के खेत पर पारंपरिक विधि से भूमि सुपोषण पूजन किया गया, जिसमें ग्रामीणजन, किसान, संस्था प्रतिनिधि और युवाओं ने सहभागिता की।
इस अभियान की पृष्ठभूमि वर्ष 2018 में हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी से जुड़ी है, जिसमें भूमि के प्रति श्रद्धा और जैविक कृषि की आवश्यकता को रेखांकित किया गया था। वर्ष 2021 से इसे 33 सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से जन-जागरण आंदोलन के रूप में प्रारंभ किया गया, जिसकी पहुंच अब तक 35,000 स्थानों तक हो चुकी है।
कार्यक्रम की विशेषताएँ:
कार्यक्रम की शुरुआत भूमि माता को प्रणाम व आह्वान से हुई।
खेत की मिट्टी को स्वच्छ कर पंचगव्य, गौमूत्र, जल, नारियल, फूल एवं अन्य जैविक समर्पण से पूजा संपन्न की गई।
भूमि को केवल उत्पादन का माध्यम न मानकर एक जीवंत चेतना रूप में प्रतिष्ठा दी गई।
जैविक खेती के महत्व, रासायनिक उर्वरकों से दूरी, और पर्यावरण संतुलन पर प्रेरक विचार रखे गए।
ग्रामवासियों ने संकल्प दोहराया कि वे भूमि के शोषण के स्थान पर संरक्षण को प्राथमिकता देंगे।
उल्लेखनीय सहभागिता:
इस प्रेरणास्पद आयोजन में श्री लोमस भाईसाब, घनश्याम तिवारी, संजय केशरवानी, थैलेश तिवारी, चंद्रशेखर चंद्रा, कौशल कर्ष (सरपंच प्रतिनिधि), सारंग यादव सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।
स्थानीय नेतृत्व एवं सहयोग:
राजू शर्मा (विभाग कार्यक्रम अभियान प्रमुख, ग्राम विकास) और देवेंद्र कुमार (शांत प्रमुख, ग्राम विकास) की प्रेरणा से यह आयोजन सफल रहा। इनकी देखरेख में सभी गतिविधियाँ समन्वित रूप से संचालित की गईं।
कार्यक्रम के दौरान भजन, गीत, और प्रेरक भाषणों के माध्यम से जनजागरूकता का वातावरण बना। यह आयोजन न केवल एक परंपरा का निर्वहन था, बल्कि भावी पीढ़ी को मिट्टी, जल, और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम भी था।
लखुर्री का यह आयोजन “हर खेत, हर किसान” तक भूमि संरक्षण और जैविक खेती का संदेश पहुंचाने की एक अनुकरणीय मिसाल बन गया।


