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पेंशन में 1685 करोड़ रुपए घाटे के खुलासे का श्रेय लेने के चक्कर में निपट गए पेंशन संचालक

रायपुर–/ भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कल जारी प्रशासनिक फेरबदल के आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति को यह फेरबदल आभास कराता है। सरकार के इस नीति का सराहना किया है लेकिन पेंशन से छत्तीसगढ़ सरकार को हो रही आर्थिक नुकसान के बारे में सरकार को भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा पिछले 7 साल से सचेत किया जा रहा है। परंतु किसी अधिकारी ने इसे कभी समझने का प्रयास नहीं किया और हमारी बात को हवा में उड़ाते रहे। पहली बार इस बात को मानने वाला अधिकारी वर्तमान वित्त सचिव मुकेश बंसल है। उसने इसे गंभीरता से लिया और अपने अमले से इस पर काम करवाया। 2 माह बाद उनके द्वारा भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल को इसके लिए धन्यवाद देते हुए अवगत कराया कि सतही तौर पर यही समझ में आता है कि छत्तीसगढ़ सरकार को लगभग 2000 करोड़ से अधिक राशि का सालाना हानि हो रही है, अब यह बात संज्ञान आ गया है कि इस पर आगे काम करने की जरूरत है तब जाकर स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद दो चार दिन पहले ही वर्तमान पेंशन संचालक ने इसका खुलासा कर दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार को धारा 49 के तहत पेंशनरी दायित्व के बंटवारे में 1685 करोड़ की मध्य प्रदेश से लेनदारी बनता है जिसे मध्य प्रदेश सरकार से मांग की जा रही है, डिटिलाइजेशन से यह बात पकड़ में आया है। उनकी बातों में अपनी खुद की पीठ ठोक कर श्रेय लेने का प्रयास नजर आता है, उनकी यही बात सरकार को खटक गई कि जो श्रेय सरकार को मिलनी चाहिए और इसका खुलासा भी मुख्यमंत्री अथवा वित्तमंत्री स्तर से होना था जिसे अतिरेक में श्रेय लेने के चक्कर में उन्होंने उजागर कर दिया। जबकि इसका असली हकदार मुकेश बंसल अभी भी चुप्पी साधे बैठे हैं। सरकार ने चुपचाप उनकी कुर्सी बदलकर अपनी नाराजगी दिखा दी है।

धारा 49 का यह हाईप्रोफाइल मामला पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 2023 में और हाल ही में मुख्य सचिव को पेंशनर हित में जरूरी कार्यवाही करने हेतु पत्र लिखा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के विधायकों ने विधानसभा में इसे पिछले दस साल से उठा कर सत्तारूढ़ सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
इस हाईप्रोफाइल मामले पर जिसमें दोनों राज्य सरकारें और लाखों पेंशनर का हित जुड़ा है इस पर एक अधिकारी के खुलासे से सरकार की नाराजगी जाहिर करना जायज लगता है।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने सरकार से मांग की है कि घाटे की भरपाई मध्यप्रदेश से वसूली से की जाय और मिलने वाली रकम से राज्य में पेंशनरों को पिछला एरियर का भुगतान किया जाए और मोदी के गारंटी को पूरा करते हुए केन्द्र के समान बकाया 2% महंगाई राहत की राशि देने का आदेश जारी किया जाए।

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