February 23, 2026 9:08 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
व्यापार

अडानी ग्रुप निवेश विवाद: ₹33,000 करोड़ के निवेश पर दबाव के आरोपों को LIC ने बताया बेबुनियाद, जारी किया स्पष्टीकरण

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वॉशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट का कड़ा खंडन किया है, जिसमें यह दावा किया गया था कि सरकारी अधिकारियों ने LIC पर दबाव डालकर बिजनेसमैन गौतम अडानी की कंपनियों में 3.9 अरब डॉलर यानी करीब 33,000 करोड़ रुपए लगाने को कहा था, जबकि अडानी अमेरिका में कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे थे.

इधर, सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में सरकारी जीवन बीमा कंपनी LIC ने कहा कि वह अपने सभी निवेश फैसले स्वतंत्र रूप से लेती है, और वॉशिंगटन पोस्ट की ओर से बताए गए कथित दस्तावेजों के अस्तित्व को पूरी तरह नकार दिया है.

LIC का बयान

LIC ने साफ कहा कि ऐसा कोई दस्तावेज या योजना मौजूद नहीं है जिसमें अडानी समूह की कंपनियों में पैसा लगाने का कोई रोडमैप हो. कंपनी ने इन आरोपों को झूठा, निराधार और सच्चाई से बहुत दूर बताया. LIC ने कहा, वॉशिंगटन पोस्ट की ओर से लगाए गए ये आरोप झूठे, निराधार और सच्चाई से परे हैं. रिपोर्ट में बताए अनुसार एलआईसी द्वारा अडानी समूह में धन निवेश का कोई दस्तावेज या योजना कभी तैयार नहीं की गई है. एलआईसी ने आगे कहा, हमारे सभी निवेश फैसले बोर्ड द्वारा मंजूर नीतियों के अनुसार, पूरी जांच-पड़ताल के बाद स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं. वित्तीय सेवाओं का विभाग या कोई अन्य संस्था इन फैसलों में कोई भूमिका नहीं निभाती.

पूरा मामला क्या है?

विवाद तब शुरू हुआ जब वॉशिंगटन पोस्ट ने शुक्रवार को एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें दावा किया गया कि सरकारी आंतरिक दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ कि LIC से अडानी समूह के शेयरों में सार्वजनिक पैसा लगाने की एक योजनाबद्ध कोशिश की गई. रिपोर्ट में कहा गया था कि LIC पर अडानी कंपनियों को समर्थन देने के लिए भारी निवेश करने का दबाव डाला गया. हालांकि अब LIC ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि अडानी या किसी अन्य कंपनी में निवेश के लिए कोई बाहरी दबाव या गुप्त योजना नहीं है.

अडानी में एलआईसी का निवेश कितना है?

जानकारी के अनुसार, एलआईसी का अडानी समूह के शेयरों में निवेश उसकी कुल संपत्ति का 1% से भी कम है. साथ ही, एलआईसी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद जब अडानी के शेयर गिरे थे, तब निवेश किया था. बाद में जब सभी आरोप खारिज होने के बाद शेयरों में तेजी आई, तो एलआईसी को काफी मुनाफा हुआ. एलआईसी ने साफ कहा है कि उसके निवेश निर्णय स्वतंत्र और पारदर्शी हैं और वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पूरी तरह झूठी और भ्रामक है.

Related Articles

Back to top button