Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
तमिलनाडु में नीट (NEET) पीड़ित अभ्यर्थियों के परिवारों से मिले राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा तीख... रोहतास EO विमल कुमार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सरकारी ड्राइवर ही निकला हत्यारा केरल में बारिश का कहर! भूस्खलन और फ्लैश फ्लड में 8 की मौत, 8 लापता; 200 से अधिक राहत शिविरों में भेज... प्रयागराज में राहुल गांधी के 'गूंज' छात्र संवाद की तैयारियों के बीच हंगामा! कांग्रेस बैठक में आपस मे... दिल्ली की जेलों में अप्राकृतिक मौत पर मिलेगा 7.5 लाख तक का मुआवजा: दिल्ली सरकार ने अधिसूचित की नई यो... पुणे में आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान परिवार ने किया सुसाइड: माता-पिता और 19 साल की बेटी की मौत, सु... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हमले की कोशिश, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समर्थकों ने आरोपी क... उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला, 5 पुलिसकर्मियों सहि... कांकेर में तबाही का एनीकट! महानदी का पानी घुसने से 200 एकड़ खेत डूबे, 10 साल से परेशान बागोड़ के किस... जांजगीर में कान की बाली खोजने बच्चों पर कराया तंत्र-मंत्र: शिक्षिका गीता कुंभकार निलंबित, कलेक्टर के...

दौसा मर्डर मिस्ट्री: जब पुलिस के हाथ खाली थे, तब एक बच्चे ने खोल दी गैंगरेप और कत्ल की पूरी पोल; रोंगटे खड़े कर देगी ये दास्तां

राजस्थान के दौसा जिले के बहुचर्चित रामगढ़ पचवारा गैंगरेप व हत्याकांड मामले में लालसोट स्थित एडीजे कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. न्यायाधीश ऋतु चौधरी ने आरोपी संजू मीणा और कालू मीणा को मृत्युदंड से दंडित किया. बताया जा रहा है कि दौसा जिले के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है. यह सनसनीखेज वारदात 23 फरवरी 2022 को रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र में हुई थी.

अभियोजन पक्ष के अनुसार जयपुर से अपने पीहर जा रही महिला को रास्ते में कार सवार आरोपियों ने लिफ्ट देने के बहाने बैठाया और उसका अपहरण कर लिया. इसके बाद आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से महिला के शव को एक कुएं में फेंक दिया गया था. घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था.

बच्चे की गवाही पर सजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी ने विस्तृत अनुसंधान कर आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्रित किए और न्यायालय में चालान पेश किया. पुलिस अनुसंधान में दो महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे जिसमें महिला को लिफ्ट देने वाला सीसीटीवी वीडियो और एक नाबालिक बच्चा जिसे भी लिफ्ट दी गई थी लेकिन आरोपियों ने उसे बच्चे को उसके गांव में उतार दिया और महिला को आगे ले गए और उसके बाद इस तरह की वारदात को अंजाम दिया.

सोशल मीडिया पर पीड़िता के गुमशुदा के फोटो वायरल हुए तो इस बच्चे ने इस पूरी घटनाक्रम को बताया, इसके बाद पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अपराधियों तक पहुंची. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने प्रकरण को दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी का बताते हुए मृत्युदंड की मांग की। न्यायालय में गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों को महत्वपूर्ण आधार माना गया.

आरोपियों को फांसी की सजा

इस मामले में आरोपियों के परिजनों ने भी आरोपियों को फांसी की सजा देने के लिए न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ बयान दिए थे. इस मामले में न्यायालय ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था. शुक्रवार को सुनाए गए निर्णय में न्यायालय ने अपराध की प्रकृति, क्रूरता और समाज पर पड़े प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है. फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों के साथ जिले और प्रदेश के लोगों ने भी इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया.

पुलिस ने क्या कहा?

इस पूरे मामले में दौसा एसपी सागर राणा ने कहा कि दौसा पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद काफी अच्छे तरीके से अनुसंधान किया और उसी का परिणाम रहा कि न्यायालय ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है. उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की अपराधियों की कोई जगह नहीं है. न्यायपालिका के इस फैसले से इस तरह के अपराधियों में सख्त संदेश गया है और ऐसे अपराधियों को कभी बख्शा भी नहीं जाएगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.