March 6, 2026 2:59 pm
ब्रेकिंग
झारखंड पुलिस को मिले 1477 नए वाहन, जर्जर गाड़ियों से मिला छुटकारा; कानून व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्ता... दहशत में लातेहार! अचानक सामने आया जंगली हाथी और ले ली ग्रामीण की जान, जान बचाने के लिए पेड़ों पर चढ़े... जश्न में मातम! सिर्फ डीजे बंद करने को लेकर हुआ झगड़ा और चल गए चाकू, एक युवक की बेरहमी से हत्या रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, बस और ट्रेलर की टक्कर में 5 यात्रियों की मौत; कई गंभीर रूप... रंग, रंजिश और कत्ल: रायपुर में मामूली विवादों ने ली तीन जानें, पुलिस ने घेराबंदी कर हत्यारों को दबोच... बड़ी वारदात: रक्षक ही बना भक्षक? जांजगीर में सरपंच पति ने 30 लोगों के साथ मिलकर की लूटपाट और आगजनी; ... बड़ी साजिश नाकाम! धार्मिक स्थल को नुकसान पहुँचाने की हरकत से लोगों में आक्रोश, अज्ञात आरोपी के खिलाफ... महिलाओं के लिए सुनहरा मौका! सुकमा में 'मिशन वात्सल्य' के तहत निकली सरकारी नौकरी; सीधे इंटरव्यू/मेरिट... सरेराह कत्ल से कांपा भाटापारा! युवक का रास्ता रोककर ताबड़तोड़ वार, खून से लथपथ तड़पता रहा शख्स; हमला... Fire in Balodabazar Tehsil Office: बलौदाबाजार तहसील दफ्तर में भीषण आग, समय रहते सुरक्षित बचाए गए सभी...
टेक्नोलॉजी

WhatsApp New Rule 2026: आज से बदल गया व्हाट्सएप का नियम, फोन में सिम कार्ड नहीं होने पर तुरंत बंद होगा अकाउंट

अगर आप रोज सुबह उठते ही WhatsApp चेक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. 1 मार्च से मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप के नियम में बड़ा बदलाव हो गया है. आज से नए SIM-Binding नियम लागू हो रहे हैं. इन नियमों के तहत अब आपको अपना व्हाट्सएप अकाउंट इस्तेमाल करने के लिए सिम कार्ड को फोन में रखना जरूरी होगा और आपकी सिम एक्टिव भी होना चाहिए. यानी आपका अकाउंट सीधे फोन में मौजूद सिम से जुड़ा रहेगा. यानी सिम हटाते ही अकाउंट ब्लैकआउट हो सकता है. यह कदम ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम कसने के मकसद से उठाया गया बताया जा रहा है.

क्या है SIM-Binding नियम?

नई व्यवस्था के मुताबिक WhatsApp अब सिर्फ मोबाइल नंबर नहीं बल्कि फोन में मौजूद फिजिकल सिम से भी जुड़ा रहेगा. पहले यूजर एक बार ओटीपी से वेरिफाई कर लेते थे और बाद में सिम हटाकर भी ऐप चला लेते थे. लेकिन SIM-Binding लागू होने के बाद सिस्टम समय-समय पर सिम की मौजूदगी चेक करेगा. अगर फोन में संबंधित सिम नहीं मिला तो अकाउंट अपने आप लॉगआउट हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया बैकग्राउंड में ऑटोमैटिक तरीके से होती रहेगी.

इन यूजर्स पर पड़ेगा असर

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो लैपटॉप या डेस्कटॉप पर WhatsApp Web का इस्तेमाल करते हैं. अब वेब वर्जन को लंबे समय तक एक्टिव रखने के लिए प्राइमरी फोन में सिम का होना जरूरी हो जाएगा. इसी तरह लिंक्ड डिवाइस फीचर, जो पहले एक साथ कई डिवाइस पर काम करता था, अब ज्यादा सख्त निगरानी में रह सकता है. सेकेंडरी डिवाइस को चलाने के लिए प्राइमरी फोन का एक्टिव रहना अनिवार्य हो सकता है.

वाई-फाई टैबलेट यूजर्स की क्यों बढ़ी परेशानी

जो लोग बिना सिम वाले टैबलेट या सेकेंडरी फोन पर सिर्फ वाई-फाई के जरिए WhatsApp चलाते थे, उनके लिए यह बदलाव चुनौती बन सकता है. अब ऐसे यूजर्स को बार-बार प्राइमरी फोन से वेरिफिकेशन करना पड़ सकता है. इससे लगातार लॉगइन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. खासकर उन यूजर्स को ज्यादा परेशानी होगी जो अपना सिम अक्सर दूसरे फोन में इस्तेमाल करते हैं या टैबलेट पर चैटिंग पसंद करते हैं.

यूजर्स को क्या करना चाहिए

बताया जा रहा है कि यह कदम मेटा और भारत के दूरसंचार विभाग की सुरक्षा पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर फ्रॉड पर रोक लगाना है. पिछले साल ऑनलाइन ठगी के मामलों में भारी नुकसान दर्ज किया गया था, जिसे देखते हुए यह सख्ती जरूरी मानी गई. यूजर्स के लिए सलाह है कि जिस नंबर पर व्हाट्सएप चलाते हैं, वही सिम उसी फोन में रखें और ऐप को तुरंत अपडेट करें. बार-बार सिम बदलने से अकाउंट लॉगआउट और डेटा सिंक की दिक्कत आ सकती है.

Related Articles

Back to top button