Haryana News: फसल खरीद पर CM नायब सैनी सख्त, MSP पर होगी किसानों के एक-एक दाने की खरीद

चंडीगढ़: खरीफ और रबी सीजन में मंडियों में फसल खरीद के दौरान होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए नायब सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शनिवार देर रात्रि जिला उपायुक्तों के साथ रबी फसल खरीद की तैयारियों की समीक्षा के दौरान सख्त चेतावनी दी कि मंडियों में गड़बड़ी और लापरवाही मिलने पर अधिकारी और कर्मचारी नपेंगे। किसानों का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जिलो उपायुक्तों को चेताया कि मंडियों में किसानों को किसी भी तरह की असुविधा सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में बारदाना, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फसलों का भुगतान समय पर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मंडियों के गेट पर सीसीटीवी से रहेगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने डीसी को निर्देश दिए कि सभी मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना (बोरियां), स्वच्छ पेयजल, उचित बैठने की व्यवस्था, साफ-सुथरे शौचालय और अच्छी तरह संचालित कैंटीन सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रभावी सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मंडी में खरीद प्रक्रिया की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। साथ ही, मंडियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुचारू संचालन के लिए आवश्यकतानुसार पुलिस सहायता लेने के भी निर्देश दिए गए।
उपायुक्तों को मंडियों का दौरा करने के निर्देश
किसानों के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई फसलों का भुगतान समय पर और सीधे किसानों के बैंक खातों में बिना किसी देरी के किया जाए। इसके अतिरिक्त, सभी उपायुक्तों को नियमित रूप से मंडियों का दौरा करने और स्थानीय स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए , ताकि सभी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके और संपूर्ण खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके।
416 खरीद केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष गेहूं की खरीद के लिए राज्य में 416, सरसों के लिए 112, जौं के लिए 25, चना के लिए 11 तथा मसूर के लिए 7 मंडियां तय की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में रबी की फसलों के खरीद कार्य को सुचारू तथा पारदर्शी रूप से चलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चालित विभिन्न पोर्टलो में कई सुधार किये गये हैं। इनमें राज्य के सभी किसान जो अपनी उपज बेचने के लिए जिस किसी वाहन को मंडियों में लेकर आएंगे उन वाहनों पर वाहन नम्बर स्पष्ट लिखा होना अनिवार्य किया गया है। इस वर्ष सभी मंडियों में खरीद कार्य के लिए जिओ-फेंसड किया गया है। किसानों की आवक के सभी गेट पास ई-खरीद मोबाइल एप से काटे जाएगें।
बायोमेट्रिक सत्यापन से होगी मंडी में फसल की एंट्री
रबी सीजन में इस वर्ष किसानों की उपज की बोली के समय “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकृत किसान या उसके तीन प्रतिनिधियों में से किसी एक का बायोमेट्रिक सत्यापन होना आवश्यक है। बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए हरियाणा राज्य की सभी मंडियों में व्यवस्था की जा चुकी है। खरीद कार्यों के दौरान सभी प्रकार के गेट पास व अन्य खरीद कार्य मोबाइल एप से ही संचालित किए जाएंगे।





