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Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आरोप

औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले के उपहारा मध्य विद्यालय में एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। पीड़िता ने विद्यालय के ही एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन स्कूल परिसर में जुट गए और आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्कूल में स्थिति बिगड़ती देख और तनाव बढ़ता देख कई थानों की पुलिस को तुरंत मौके पर तैनात किया गया है।

📋 टीसी के बहाने घर भेजा: पीड़ित छात्रा ने शिक्षिका पर भी लगाए मिलीभगत के आरोप

पीड़िता विद्यालय की आठवीं उत्तीर्ण छात्रा बताई जा रही है। छात्रा का आरोप है कि वह अपने आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल में ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) लेने गई थी, लेकिन पहले उसे टीसी देने से साफ मना कर दिया गया। छात्रा के अनुसार, स्कूल की ही एक अन्य शिक्षिका ने उसे बताया कि इस काम में केवल राहुल सर ही मदद कर सकते हैं और उन्हें इसके लिए शिक्षक के निजी आवास पर जाकर मिलना होगा। छात्रा का आरोप है कि शिक्षिका के कहने पर ही वह सर के कमरे पर गई थी।

🚨 किडनैपिंग केस का हवाला: पूर्व की घटना को लेकर पूछे जा रहे थे अश्लील सवाल

छात्रा ने बताया कि कुछ महीने पहले उसका अपहरण हो गया था और पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल से सकुशल बरामद किया था। पीड़ित छात्रा का आरोप है कि जब वह शिक्षक के घर पहुंची, तो शिक्षक टीसी की बात करने के बजाय उसके अपहरण के मामले को लेकर बार-बार अजीब सवाल पूछ रहे थे। छात्रा के मुताबिक, शिक्षक उससे पूछ रहे थे कि बंगाल में अपहरण के दौरान उसके साथ क्या-क्या हुआ था। इसी बातचीत के दौरान आरोपी शिक्षक उसके करीब आने लगा और जबरन उसका हाथ पकड़ लिया।

💬 पीड़िता की आपबीती: “उन्होंने हाथ पकड़ा और कहा कि किसी को मत बताना, यह पर्सनल है”

पीड़िता ने रोते हुए बताया, “मैम ने मुझे सर के कमरे पर भेजा था। वहां जाने पर सर ने मुझसे किडनैपिंग के बारे में पूछा। पूछते-पूछते उन्होंने अचानक मेरा हाथ पकड़ लिया। मैं डर के मारे कांपने लगी, तो उन्होंने कहा कि कांप क्यों रही हो, मैं हूं न। इसके बाद उन्होंने मेरे गले में हाथ डाल दिया और धमकी भरे लहजे में कहा कि इस बात के बारे में बाहर किसी को मत बताना, ये सब हमारी पर्सनल बातें हैं।” पीड़िता ने आरोप लगाया कि मैम ने उसकी मां को फोन करके भी सर के पास भेजने का दबाव बनाया था।

🛑 आरोपी शिक्षक की सफाई: “सारे आरोप निराधार, परीक्षा न देने के कारण जांच की बात कही थी”

दूसरी तरफ, इन गंभीर आरोपों पर आरोपी शिक्षक ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि छात्रा ने स्कूल की अर्धवार्षिक परीक्षा नहीं दी थी क्योंकि वह पुलिस अभिरक्षा में थी। शिक्षक के मुताबिक, “इस वजह से टीसी जारी करने से पहले मैंने नियमों के तहत जांच करने की बात कही थी। छेड़खानी के सारे आरोप पूरी तरह से गलत और निराधार हैं। वह मेरे घर जरूर आई थी क्योंकि उसकी मां हमारे यहां किराएदारों के घर काम करती हैं। वह तीन बार आई थी—एक बार अपनी मां के साथ, एक बार सहेली के साथ और एक बार तनुजा मैम के सामने। इस बात की पुष्टि लड़की से भी की जा सकती है।”

👮 पुलिस बल तैनात: एक महीने पुराना है मामला, गांव में बात फैलने के बाद गरमाया माहौल

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, जैसे ही इस बात की जानकारी धीरे-धीरे पूरे गांव में फैली, ग्रामीण आक्रोशित हो गए। परिजनों और ग्रामीणों के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। प्रशासन ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और स्कूल प्रबंधन तथा जिला शिक्षा विभाग के समन्वय से मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच की जा रही है, ताकि सच सामने आ सके।

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