मुरैना के पशुपालन विभाग में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ विभाग के एक चपरासी ने पिस्टल लेकर उप संचालक के चेंबर में घुसकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। वेतन कटने से नाराज चपरासी ने उप संचालक की तस्वीर पर माला चढ़वाने की धौंस भी दी। इस गंभीर घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर ने इस दबंग चपरासी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
🛑 ऑनलाइन हाजिरी और विवाद की वजह
पशुपालन विभाग के उप संचालक बृजकिशोर शर्मा ने बताया कि विभाग के हर कर्मचारी की हाजिरी ‘सार्थक एप’ पर ऑनलाइन लगती है। नियम यह है कि यदि ऑनलाइन हाजिरी नियमित नहीं होती, तो कर्मचारी का वेतन काट दिया जाता है। बानमोर पशु चिकित्सालय में पदस्थ चपरासी भूरे सिंह भदौरिया ने बीते 90 दिनों में से 30 दिन ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई थी। सिस्टम में उनकी लोकेशन कार्यस्थल की जगह कहीं और दिखाई दे रही थी, जिसके कारण विभाग ने उनके 30 दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए थे।
⚖️ पुलिस केस और कलेक्टर का एक्शन
वेतन कटने की खबर मिलते ही चपरासी आपे से बाहर हो गया और सीधे उप संचालक के कार्यालय पहुंच गया। उसने वहां पिस्टल निकालकर दहशत फैला दी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, जिला प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपी चपरासी भूरे सिंह भदौरिया को निलंबित कर दिया है। यह घटना सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के अनुशासन और सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।
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