नई दिल्ली: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय रुपये में दबाव देखने को मिला है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे गिरकर 94.48 के स्तर पर आ गया। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी करेंसी की मजबूती और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।
📊 रुपये की चाल और बाजार का रुझान
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 94.42 के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 9 पैसे नीचे था। फॉरेक्स विशेषज्ञों के अनुसार, कर्ज के प्रवाह (Debt inflow) और तेल की कीमतों में स्थिरता के संकेत रुपये को मजबूती देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन डॉलर की ग्लोबल मजबूती इसे ऊपर खींच रही है। तकनीकी जानकारों के मुताबिक, 94.00-94.20 का दायरा सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।
🌐 ग्लोबल तनाव और ईरान-अमेरिका बातचीत
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर कमोडिटी और करेंसी मार्केट पर दिख रहा है। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच लेबनान मुद्दे पर ‘डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल’ बनाने और राजनयिक प्रक्रिया शुरू होने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पैदा हुआ गतिरोध भी एनर्जी शिपमेंट के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बना हुआ है।
📈 सेंसेक्स-निफ्टी में दिखा उत्साह
करेंसी मार्केट में भले ही कमजोरी हो, लेकिन घरेलू इक्विटी मार्केट ने शुरुआती कारोबार में तेजी दिखाई:
-
सेंसेक्स: 407.12 अंक की तेजी के साथ 77,210.02 पर ट्रेड कर रहा है।
-
निफ्टी: 114.75 अंक बढ़कर 24,129.95 पर पहुंच गया है।
-
विदेशी निवेश: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी बाजार में सक्रियता दिखाते हुए शुक्रवार को 4,859.07 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
🛢️ क्रूड ऑयल का हाल
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.28 प्रतिशत गिरकर 79.54 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ब्रेंट ऑयल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, जो रुपये पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने में मदद कर सकती है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.